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बॉलीवुड फिल्म ‘शोले’ के 50 साल पूरे होने पर सचिन पिलगांवकर ने बताया कि निर्देशक रमेश सिप्पी ने उनका खास सीन हटाया था. सचिन ने कहा कि अब वह रमेश सिप्पी के फैसले की सराहना करते हैं.
‘शोले’ के एक सीन में सचिन पिलगांवकर.पहली वजह तो ये थी कि फिल्म बहुत लंबी हो रही थी, जिस वजह से इसको हटवाना पड़ा था, और दूसरी ये कि निर्देशक रमेश को लगा था कि एक 16-17 साल के लड़के की हत्या को दिखाना बहुत अजीब लगेगा. फिर फाइनल सीन में एक काली चींटी गब्बर के हाथ में चल रही होती है, जिसे देख गब्बर कहता है, “रामगढ़ का बेटा आया है,” और फिर वह उस चींटी को मार देता है. इसके बाद गांव में मेरे किरदार की लाश दिखाई जाती है, जिससे पता चलता है कि मेरा किरदार मारा गया है.
सचिन का कहना है कि एक निर्देशक और निर्माता के नजरिए से वह रमेश सिप्पी के फैसले की सराहना करते हैं.” फिल्म ‘शोले’ में सचिन का किरदार गब्बर द्वारा मारा जाता है. यह फिल्म शुक्रवार को अपने 50 साल पूरे कर रही है.
रमेश कुमार, सितंबर 2021 से न्यूज 18 हिंदी डिजिटल से जुड़े हैं. इससे पहले एबीपी न्यूज, हिंदीरश (पिंकविला), हरिभूमि, यूनीवार्ता (UNI) और नेशनल दुनिया में काम कर चुके हैं. एंटरटेनमेंट, एजुकेशन और पॉलिटिक्स में रूच…और पढ़ें
रमेश कुमार, सितंबर 2021 से न्यूज 18 हिंदी डिजिटल से जुड़े हैं. इससे पहले एबीपी न्यूज, हिंदीरश (पिंकविला), हरिभूमि, यूनीवार्ता (UNI) और नेशनल दुनिया में काम कर चुके हैं. एंटरटेनमेंट, एजुकेशन और पॉलिटिक्स में रूच… और पढ़ें
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