बीना/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। जल जीवन मिशन के तहत ग्राम जमशीला में हर घर तक नल से पानी पहुंचाया गया है। मिशन का उद्देश्य है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रतिदिन 55 लीटर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। लेकिन उचित रखरखाव के अभाव में इस योजना से मिलने वाला पानी नालियों में बहकर बर्बाद हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे लगातार इस समस्या की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन समय पर सुनवाई नहीं होती। नलों के टूटने और रिसाव की वजह से बड़ी मात्रा में पानी नालियों में गिरता है। इससे न केवल संसाधनों की बर्बादी हो रही है, बल्कि गाँव की गलियों में गंदगी और जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो रही है।
इस मामले पर जूनियर इंजीनियर का कहना है कि सभी घरों में नल कनेक्शन उपलब्ध कराए गए थे। अब यदि किसी घर का नल टूट जाता है या खराब हो जाता है, तो उसे बदलने की जिम्मेदारी घर के मालिक की है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि जिम्मेदार नागरिक होने के नाते वे पानी की बर्बादी रोकने में सहयोग करें।
जल जीवन मिशन का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। लेकिन योजना के सही क्रियान्वयन और रखरखाव के बिना यह मिशन अपने उद्देश्य से भटकता हुआ दिखाई दे रहा है। सोनभद्र जैसे जिलों में जहां गर्मियों में जल संकट गंभीर हो जाता है, वहाँ पानी का इस तरह नालियों में बहना बड़ी चिंता का विषय है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले समय में पेयजल की समस्या और गहराएगी।