लगातार हो रही भारी बारिश ने उत्तर भारत में कहर बरपा दिया है. नदियां उफान पर हैं, पहाड़ों के टुकड़े दरक रहे हैं और कई सड़कें बाधित हो गई हैं. इस आपदा में कई लोगों की जान जा चुकी है. लेकिन हर मुश्किल हालात में भारतीय जवान देवदूत बनकर सामने आ रहे हैं.
हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने NDRF की तारीफ करते हुए कहा कि जवानों ने जान की परवाह किए बिना लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें जवान लोगों को अपने कंधों पर बैठाकर जलमग्न सड़कों से निकालते दिख रहे हैं.
NDRF के जज्बे को सलाम- CM सुक्खू
सीएम सुक्खू ने पोस्ट में लिखा कि जब कांगड़ा स्थित अरनी यूनिवर्सिटी में छात्र-छात्राएं भय और अनिश्चितता के बीच फंसे थे, तब NDRF के जांबाजों ने अदम्य साहस और संवेदनशीलता का परिचय दिया. उन्होंने कहा कि जवानों ने न दिन देखा, न रात, बल्कि अपने कर्तव्य को सर्वोपरि मानते हुए प्राणों की परवाह किए बिना सभी छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला. सीएम ने पूरी राहत एवं बचाव टीम की निष्ठा और समर्पण की सराहना की और कहा कि उनकी मानवीयता का कोई मोल नहीं लगाया जा सकता.
प्रदेश भर में हो रही मूसलाधार बारिश के बीच, बीती रात काँगड़ा स्थित Arni University के छात्र-छात्राएँ जब भय और अनिश्चितता के साये में फँसे थे, तब NDRF के जाँबाज़ों ने अदम्य साहस और संवेदनशीलता दिखायी। यह हर व्यक्ति के हृदय को गर्व से भर देने वाले पल हैं।
आपदा की इस घड़ी में वीर… pic.twitter.com/lUNWuX4pzF
— Sukhvinder Singh Sukhu (@SukhuSukhvinder) August 27, 2025
मणिमहेश यात्रा स्थगित, हजारों श्रद्धालु फंसे
हिमाचल प्रदेश में मणिमहेश यात्रा पर निकले हजारों श्रद्धालु बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण चंबा के कई हिस्सों में फंस गए हैं. पीटीआई के अनुसार, खराब मौसम के चलते 25 अगस्त को यह यात्रा स्थगित कर दी गई. चंबा के विधायक नीरज नैयर और अन्य जनप्रतिनिधियों ने बताया कि लगभग 10,000 तीर्थयात्री रास्तों में फंसे हुए हैं और मोबाइल कनेक्टिविटी भी ठप है. सरकार ने विधानसभा में आश्वासन दिया है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं. यात्रा 15 सितंबर तक चलने वाली थी, लेकिन फिलहाल राहत-बचाव कार्य प्राथमिकता पर हैं.
भारी नुकसान, अब तक 158 मौतें
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, हिमाचल के 12 में से 10 जिलों में 584 सड़कें बंद हैं, जिनमें से सबसे ज्यादा मंडी और कुल्लू में हैं. अब तक 1155 ट्रांसफार्मर और 346 जलापूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं. मनाली, चंबा और कुल्लू में भारी तबाही के चलते दुकानों, घरों और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है.
20 जून से 26 अगस्त के बीच बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 158 लोगों की मौत हो चुकी है, 38 लोग लापता हैं और राज्य को लगभग 2,623 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. मौसम विभाग ने रविवार (31 अगस्त) तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है.