कमलेश और उसका अस्पताल
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दिल्ली में पकड़े बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह में शामिल फतेहाबाद का कमलेश एंबुलेंस चालक से अस्पताल संचालक बना था। पहले उसने अस्पताल में नाैकरी की। इससे काम का तरीका सीखा। इसके बाद अपना खुद का अस्पताल खोल लिया। अस्पताल ठीक से चलता नहीं था। इस कारण वो बच्चा चोरी गिरोह से जुड़ गया। अब माना जा रहा है कि निसंतान दंपती को बेचे जाने वाले बच्चों से होने वाली काली कमाई से ही उसके खर्चे पूरे होते थे। वह कस्बा में डाॅक्टर के नाम से चर्चित भी हो गया था। उसके पास कोई डिग्री भी नहीं है। इससे अस्पताल के संचालन पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
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