तमिलनाडु की राजनीति में दो बड़े अभिनेता-से-नेता बने चेहरों के बीच इन दिनों भीड़ और वोट के समीकरण पर जुबानी जंग छिड़ गई है। मक्कल नीधि मय्यम (एमए) प्रमुख कमल हासन ने टीवीके प्रमुख विजय की रैलियों में जुट रही भीड़ पर टिप्पणी की है। उन्होंने दो टूक कहा कि बड़ी भीड़ जुटना ही वोट में तब्दील होना जरूरी नहीं है। यह नियम सभी नेताओं पर लागू होता है, चाहे वह खुद हों या फिर विजय।
बता दें, विजय इन दिनों पूरे तमिलनाडु में कई रैली का आयोजन कर रहे हैं। इसी क्रम में वह कई रैली भी कर चुके हैं। इन रैलियों में खूब भीड़ देखने को मिल रही है। ऐसे में कमल हासन ने ये बयान देकर एक और जुबानी जंग की शुरुआत कर दी है।
कमल हासन ने क्या कहा?
कमल हासन ने कहा कि राजनीति में यह मान लेना गलत है कि रैली में आए सभी लोग वोटर में तब्दील हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह सभी नेताओं पर लागू होता है। यह मुझ पर भी लागू होता है और विजय पर भी। भीड़ जुटी है तो इसका मतलब यह नहीं है कि पूरी भीड़ वोट डालने आएगी। इतना ही इसके साथ ही उन्होंने टीवीके प्रमुख को एक सलाह भी दी।
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जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि विजय को राजनीति में प्रवेश के बाद वह क्या सलाह देंगे तो हासन ने कहा कि सही रास्ते पर चलो, साहस के साथ आगे बढ़ो और लोगों के लिए अच्छा करो। यही अपील मैं सभी नेताओं से करता हूं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आलोचना राजनीति तक सीमित नहीं है, सिनेमा में भी अभिनेता शुरुआत में आलोचना का सामना करते हैं।
भीड़ वाले बयानों पर विजय का पलटवार
सिर्फ कमल हासन नहीं, कई नेता विजय की भीड़ को लेकर टिप्पणी कर चुके हैं। ऐसे में विजय ने अपने प्रतिद्वंद्वियों और आलोचको को करारा जवाब देते हुए कहा कि उनकी रैलियों में जुटी भीड़ कोई ‘खाली भीड़’ नहीं है।
20 सितंबर को तिरुवरूर में रैली के दौरान विजय ने मंच से सवाल किया कि ये लोग कहते हैं कि यह भीड़ वोट नहीं डालेगी। क्या यह खाली भीड़ है? इसके जवाब में भारी जनसमूह ने जोरदार नारेबाजी करते हुए विजय के नाम का उद्घोष किया। इसे टीवीके के समर्थन की शपथ के रूप में देखा गया।
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विजय ने बताया कि उनकी पार्टी का लक्ष्य क्या है?
विजय ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी पार्टी का लक्ष्य एक ऐसा सच्चा लोकतंत्र लाना है जिसमें ईमानदारी और विवेक हो। उन्होंने भीड़ को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह जनसमर्थन उनकी ताकत है और यह भरोसा उन्हें बदलाव की दिशा में काम करने की प्रेरणा देगा।
कमल हासन और विजय दोनों ही तमिलनाडु की जनता के बीच लोकप्रिय अभिनेता रहे हैं और अब राजनीति में भी आमने-सामने हैं। कमल हासन ने जहां अनुभव और व्यावहारिक राजनीति पर जोर दिया, वहीं विजय ने जनता के भरोसे और जनसमर्थन को अपनी ताकत बताया। यह जंग आने वाले समय में तमिलनाडु की राजनीति में और दिलचस्प मोड़ ला सकती है।
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