अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (स्थानीय समयानुसार) को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भाषण दिया। 2020 के बाद यह उनका पहला संबोधन था। भाषण की शुरुआत में ही उन्हें तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यूएनजीए में टेलीप्रॉम्प्टर खराब हो गया और एस्केलेटर बीच में रुक गया। ट्रंप ने मजाक करते हुए कहा, ‘जो भी इसे चला रहा है, वह बड़ी मुसीबत में है।’ जिस पर पूरा हॉल हंस पड़ा।
ट्रंप ने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र से मुझे बस एक एस्केलेटर मिला जो ऊपर जाते समय बीच में ही बंद हो गया, और फिर एक टेलीप्रॉम्प्टर जो काम नहीं कर रहा था। अगर प्रथम महिला अच्छी स्थिति में नहीं होतीं, तो वह गिर जातीं। हम दोनों अच्छी स्थिति में हैं। हम दोनों खड़ो रहे।’
भाषण शुरू होने के 10 मिनट बाद शुरू हुआ टेलीप्रॉम्प्टर
राष्ट्रपति ट्रंप ने आगे कहा, ‘मुझे बिना टेलीप्रॉम्प्टर के यह भाषण देने में कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि टेलीप्रॉम्प्टर काम नहीं कर रहा है। मैं बस इतना कह सकता हूं कि जो भी इस टेलीप्रॉम्प्टर को चला रहा है, वह बड़ी मुसीबत में है।’ भाषण शुरू होने के लगभग 10 मिनट बाद, ट्रंप ने कहा कि टेलीप्रॉम्प्टर काम करने लगा है। हालांकि, ट्रंप ने नोट्स से पढ़ना जारी रखा।
#WATCH | At the 80th session of the United Nations General Assembly (UNGA), US President Donald Trump says, “I ended seven wars… No president or prime minister, and for that matter, no other country has ever done anything close to that. I did it in just seven months. It’s never… https://t.co/91V0uM4hAQ pic.twitter.com/ONonZHhhjA
— ANI (@ANI) September 23, 2025
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संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करना बड़े सम्मान की बात
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करना ‘बड़ा सम्मान’ है, और उनके भाषण को ‘बहुत अच्छी प्रतिक्रिया’ मिली। ट्रंप ने लिखा, ‘संयुक्त राष्ट्र के समक्ष बोलना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात थी। मेरा मानना है कि भाषण को बहुत सराहा गया। इसमें ऊर्जा और प्रवास/आव्रजन पर विशेष ध्यान दिया गया। मैं लंबे समय से इस बारे में बात कर रहा हूं और यह फोरम इन दो महत्वपूर्ण वक्तव्यों के संदर्भ में सर्वश्रेष्ठ था। मुझे आशा है कि सभी इसे देखेंगे!’
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा में लौटे। उन्होंने एक ऐसा भाषण दिया, जिसमें उन्होंने वैश्विक सुरक्षा और समृद्धि के लिए सहयोग करने के इच्छुक देशों की ओर ‘अमेरिकी नेतृत्व और मित्रता का हाथ’ बढ़ाया।
ट्रंप ने अमेरिकी सहयोगियों की आलोचना की
प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप के साथ दिए गए इस भाषण में ट्रंप ने विभिन्न मुद्दों पर अमेरिकी सहयोगियों की आलोचना की, जो अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर उनके दृढ़ रुख को दर्शाता है। अपने भाषण के दौरान, ट्रंप ने लंदन के मेयर सादिक खान पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि लंदन ‘शरिया कानून’ अपनाना चाहता है। साथ ही यूरोपीय देशों की आव्रजन और हरित ऊर्जा नीतियों की आलोचना की। उन्होंने जलवायु परिवर्तन पर अंकुश लगाने के प्रयासों को ‘हरित ऊर्जा घोटाला’ और ‘धोखा’ करार दिया।
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ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर उठाए सवाल
भाषण के दौरान, ट्रंप ने कई संघर्षों में युद्धविराम के लिए बातचीत करने के अपने प्रयासों पर भी प्रकाश डाला और सात समझौतों का श्रेय लेने का दावा किया। हालांकि इन दावों पर सवाल भी उठे हैं। संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, ‘यह अफसोस की बात है कि मुझे ये काम करने पड़े, जबकि ये काम संयुक्त राष्ट्र का होना चाहिए था।’ उन्होंने कहा कि यूएन की क्षमता बहुत बड़ी है, लेकिन ‘अभी वे सिर्फ कड़े शब्दों वाले पत्र लिखते हैं और उसके बाद कुछ नहीं करते।’











