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Nadeem Shravan Hit Songs : 90 के दशक में बॉलीवुड फिल्मों में एक से बढ़कर एक मेलोडियस सॉन्ग देने वाले म्यूजिक डायरेक्टर नदीम-श्रवण अपनी शर्तों पर काम करते थे. दोनों ही महेश भट्ट के निर्देशन में बनी 1990 में रिलीज हुई ‘आशिकी’ मूवी से रातोंरात स्टार बने थे. नदीम बहुत ही अड़ियल स्वभाव के थे. इसके चलते सुभाष घई से लेकर कई प्रोड्यूर्स से उनकी तकरार भी हुई. एक बार तो एक प्रोड्यूसर से नदीम ने फिल्म रिलीज होने के बाद डबल पैसा वसूला था. एक खास शर्त के साथ अपना गाना दिया था. आइये जानते हैं दिलचस्प किस्सा…
नदीम-श्रवण का म्यूजिक 90 और 2000 के दशक में बॉलीवुड में एक अलग ही रंग लेकर आया. पूरी म्यूजिक इंडस्ट्री को बदलकर रख दिया. नदीम का पूरा नाम नदीम सैफी जबकि श्रवण का पूरा श्रवण राठौर था. दोनों की मुलाकात कॉलेज में एक फंक्शन के दौरान हुई थी. दोनों ने 17 साल गुमनामी में गुजारे थे. आशिकी से दोनों को पहचान मिली. फिर तो दोनों ने पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा. नदीम सिर्फ अपनी शर्त पर म्यूजिक देते थे. एक बार तो फिल्म के जिस गाने पर प्रोड्यूसर को आपत्ति थी, उसे नदीम ने जबर्दस्ती एक खास शर्त के साथ रखवाया था. फिल्म रिलीज होने के बाद प्रोड्यूसर से डबल पैसा वसूला था. यह फिल्म थी : राजा हिंदुस्तानी. गीतकार समीर ने यह दिलचस्प किस्सा सुनाया था.

आमिर खान-करिश्मा कपूर स्टारर ‘राजा हिंदुस्तानी’ फिल्म 11 नवंबर 1996 में रिलीज हुई थी. फिल्म की कहानी धर्मेश दर्शन ने लिखी थी. डायलॉग जावेद सिद्दीकी ने लिखे थे. फिल्म का स्क्रीनप्ले रॉबिन भट्ट ने लिखा था. अली मोरानी, करीम मोरानी और बंटी सूरमा फिल्म के प्रोड्यूसर थे. तीनों ने मिलकर सिनेयुग नाम की प्रोडक्शन कंपनी खोली थी. फिल्म का डिस्ट्रीब्यूशन टिप्स इंडस्ट्रीज इरोस इंटरनेशनल ने किया था.

गीतकार समीर ने बताया, ‘राजा हिंदुस्तानी का सबसे फेवरेट सॉन्ग ‘परदेसी-परदेसी जाना नहीं’ फिल्म से निकलने वाला था. प्रोड्यूसर से सिर्फ एक शब्द को लेकर तकरार हो गई थी. वो ‘परदेसी’ शब्द पर अटक गया था. डायरेक्टर धर्मेश दर्शन को भी लगा कि ये गाना बहुत ही अजीब तरह से प्रोनाउंस हो रहा है. ये चलेगा नहीं. दरअसल, परदेसी गाने की ट्यून ही ऐसी थी.’

गीतकार समीर ने इंटरव्यू में बताया था, ‘जैसे ही प्रोड्यूसर ने ‘परदेसी-परदेसी’ सुना तो बोला ये क्या है. उसने कहा कि ये शब्द हटा दो. बहुत ही गलत थ्रो आ रहा है. वो ट्यून ऐसी थी कि उस लफ्ज का कोई अल्टरनेटिव शब्द नहीं मिल रहा था. बात बिगड़ गई. प्रोड्यूसर बोला कि इस गाने को मत रखो. सुनकर कोई कैसे गाएगा. हमारा कहना था कि आप शब्द के पीछे क्यों पड़े हुए हैं, पूरा गाना सुनिए. वो अटक गया. बहुत झगड़े हुए. फाइनली हुआ कि गाने को फिल्म से निकाल दो.’

गीतकार समीन अंजान ने किस्से के बारे में आगे बताया, ‘इधर नदीम-श्रवण ने कहा कि ये शब्द तो चाहिए ही चाहिए. थ्रो गलत आ रहा है. पहले गाने को उदित नारायण से गवाया गया. फिर लगा कि सिंगर चेंज कर देते हैं, इसलिए कुमार सानू ने इसी गाने को गवाया गया. नदीम ने प्रोड्यूसर से कहा कि फिल्म में गाना तो ऐसे ही जाएगा. रिकॉर्डिंग करते हैं. अगर गाना नहीं चला तो इसका जो भी खर्चा आएगा वो हम देंगे. अगर गाना चल गया तो प्रोड्यूसर को डबल देना पड़ेगा. फाइनली उन्होंने डब्ल पैसा लिया भी. ऐसा इसलिए क्योंकि वो राजा हिंदुस्तानी फिल्म का सबसे मशहूर गाना था.’

राजा हिंदुस्तानी फिल्म का बजट करीब 6 करोड़ का था. इस फिल्म ने वर्ल्ड वाइड 76 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी. राजा हिंदुस्तानी में आमिर खान और करिश्मा कपूर के बीच एक मिनट लंबा किसिंग सीन भी रखा गया था.

यह फिल्म करिश्मा कपूर के करियर की सबसे बड़ी हिट फिल्म थी. फिल्म में करिश्मा कपूर का अलग ही सौंदर्य नजर आया था. डायरेक्टर धर्मेश दर्शन ने उनके रूप-रंग और मेकअप पर खास ध्यान दिया था. राजा हिंदुस्तानी के लिए आमिर खान को पहली बार बेस्ट एक्टर का फिल्म फेयर अवॉर्ड भी मिला था.

फिल्म के डायरेक्टर धर्मेश दर्शन ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि राजा हिंदुस्तानी में आमिर खान का रोल सबसे पहले शाहरुख खान को ऑफर किया गया था. धर्मेश के मुताबिक, ‘शाहरुख खान मेरे घर पर बैठे हुए थे. वो राजा हिंदुस्तानी करने के लिए तैयार थे. आमिर खान से भी बात हो चुकी थी. मेरे लिए दोनों ही एक्टर शानदार थे. फिर कुछ ऐसा हुआ कि आमिर खान और प्रोड्यूसर्स की बात बन गई.’
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