आगरा में दशहरे पर खुशियों का माहौल मातम में बदल गया। कुसियापुर गांव में जहां 10 दिन से भक्ति और जयकारों की गूंज थी, वहीं मंगलवार को चीख-पुकार और करुण क्रंदन सुनाई देने लगा। देवी प्रतिमा के विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं का हाथों का सहारा टूट गया और देखते ही देखते छह युवक और पांच किशोर उटंगन नदी में डूब गए।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नदी में कई गड्ढे हैं। विसर्जन के लिए सभी हाथ पकड़कर आगे बढ़ रहे थे। अचानक एक का पैर फिसल गया और उसके साथ ही सभी पानी में समा गए। जिस स्थान पर डूबने की घटना हुई, वहां से गांव कुसियापुर तीन किलोमीटर की दूरी पर है।
2 of 13
13 लोगों के डूबने पर विलाप करते परिजन
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव के लोगों ने बताया कि नदी पर आने के बाद मूर्ति को पानी में ले जाना था। इसके लिए 11 से 15 युवक और किशोर तैयार हुए। किनारे पानी काफी कम था। इससे अंदर चले गए। बाद में पानी गहरा होने लगा। मूर्ति चार फीट की थी। श्रद्धालु इसे बीच नदी में ले जाना चाह रहे थे।
3 of 13
गुस्साए लोगों ने लगाया जाम
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पानी में डूबने से बचने के लिए एक दूसरे ने हाथ पकड़ रखे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि अंदर गड्ढा बना हुआ है जिसमें पानी गहरा है। उस गड्ढे में अचानक एक युवक का पैर फिसल गया। उसे बचाने के लिए पीछे वालों ने हाथ पकड़ा। मगर, वह उसे संभाल नहीं सके।
4 of 13
डूबते लोगों को बचाने वाला युवक भोला
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भोला ने दो लोगों को निकाला
एक-एक करके छह युवक और पांच किशोर पानी में समा गए। दो और युवक गगन और अमित पानी में डूब रहे थे। पास में मौजूद गांव का भोला दौड़कर नदी की ओर पहुंचा और तैरकर उसने पीछे से हाथ पकड़ लिए। वह दोनों को कम पानी की तरफ ले गया। उधर, बाकी 11 लोगों को पता नहीं चल सका।
5 of 13
मौके पर मौजूद पुलिस और अन्य
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसएसआई ने नदी में लगाई छलांग, एक घंटे की तलाश
किनारे पर खड़े डूबे हुए किशोर और युवकों के परिजन में चीखपुकार मचाने लगी। मगर पुलिस नहीं थी। तकरीबन आधा घंटे बाद पुलिसकर्मी पहुंचे। इनमें एसएसआई बिजेंद्र सिंह तैरना जानते थे। उन्होंने पानी में छलांग लगा दी। वह तकरीबन एक घंटे तक तलाश करते रहे।