अमेरिकी ने कैरेबियाई जल क्षेत्र में एक संदिग्ध पनडुब्बी को निशाना बनाया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को बताया कि इस पनडुब्बी से फेंटानिल ड्रग की अमेरिका में तस्करी की जा रही थी। उन्होंने बताया कि अमेरिकी हमले में ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अमेरिका दो संदिग्ध ड्रग तस्करों को उनके मूल देश इक्वाडोर और कोलंबिया वापस भेज रहा है।
’25 हजार अमेरिकियों की होती मौत’
ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर साझा एक पोस्ट में लिखा, ‘एक बड़े पैमाने पर ड्रग ले जाने वाली पनडुब्बी को नष्ट करना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात थी। यह पनडुब्बी एक जाने-माने मादक पदार्थों की तस्करी के रास्ते से अमेरिका की ओर आ रही थी।’ उन्होंने आगे कहा कि यह पनडुब्बी फेंटेनाइल और अन्य ड्रग्स से भरी हुई थी। ट्रंप ने लिखा कि पनडुब्बी पर चार तस्कर सवार थे, जिनमें से दो अमेरिकी हमले में मारे गए और बाकी दो को हिरासत में लेकर उनके मूल देश कोलंबिया और इक्वाडोर भेजा जा रहा है। अगर यह पनडुब्बी अमेरिका पहुंच जाती तो इसमें मौजूद ड्रग्स से कम से कम 25 हजार अमेरिकी लोगों की मौत होती।
📹 DESTROYED: Confirmed DRUG-CARRYING SUBMARINE navigating towards the United States on a well-known narcotrafficking transit route.
“Under my watch, the United States of America will not tolerate narcoterrorists trafficking illegal drugs, by land or by sea.” – President Trump pic.twitter.com/N4TAkgPHXN
— The White House (@WhiteHouse) October 18, 2025
अमेरिका ने नहीं दिया कोई सबूत
कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने भी एक कोलंबियाई संदिग्ध को अमेरिका से वापस भेजे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘हमें खुशी है कि वह जिंदा है और उस पर कानून के मुताबिक मुकदमा चलाया जाएगा।’ पनडुब्बी पर अमेरिकी हमला ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान छेड़ा हुआ है। इसके चलते ट्रंप ने वेनेजुएला से अमेरिकी की तरफ कथित तौर पर ड्रग तस्करी करने वाली नौकाओं को निशाना बनाया है। हालांकि ताजा हमले में भी अमेरिका ने ऐसा कोई सबूत नहीं दिया, जिससे पता चले कि जिस पनडुब्बी पर हमला हुआ, उस पर ड्रग तस्कर ही सवार थे। न ही अमेरिका ने ये बताया कि ये पनडुब्बी कहां से आ रही थी।
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