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आहाना कुमरा ने ‘राइज एंड फॉल’ में शानदार प्रदर्शन किया. एक्ट्रेस ने न्यूज 18 शोशा के साथ बात करते हुए कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में बार-बार रिजेक्शन झेलकर वो तंग आ गई थी और उन्होंने अपनी जिंदगी खत्म करने का मन बना लिया था. आहाना कुमरा का कहना है कि उनके काम ने उन्हें डिप्रेशन से निकलने में मदद की.
नई दिल्ली. आहाना कुमरा को हाल ही में ‘राइज एंड फॉल’ में देखा गया था. एक्ट्रेस ने ‘लिपस्टिक अंडर माई बुर्का’, ‘इंडिया लॉकडाउन’, ‘खुदा हाफिज’ जैसी फिल्मों में अहम किरदार अदा किया था. न्यूज 18 शोशा के साथ बात करते हुए आहाना कुमरा ने फिल्म इंडस्ट्री में ‘अवसरों की कमी’ के बारे में बात की और कहा कि बार बार रिजेक्शन झेलने की वजह से वो तंग आ गई थीं. वो इतनी निराश और परेशान हो गई थीं कि उन्होंने अपनी जिंदगी खत्म करने का मन बना लिया था.
आहाना कुमरा का छलका दर्द
वो कहती हैं, ‘मुझे इससे उबरने में समय लगा. यह ऐसा नहीं है कि ये चीजें तुरंत हो जाती हैं. उस समय मैंने बाहरी दुनिया के बारे में अपनी दृष्टिकोण को बंद कर दिया था. मैंने अपने ब्लिंकर लगा लिए, सिर नीचे और खुद से कहा कि काम करते रहो. मुझे लगता है कि मेरा काम ही है जिसने मुझे आगे बढ़ते रहने की हिम्मत दी’.
बार-बार रिजेक्शन से तंग आ गई थीं आहाना कुमरा
‘लिपस्टिक अंडर माय बुर्का’ और ‘इनसाइड एज’ फेम आहाना कुमरा कहती हैं कि ऐसे विचारों का एक हिस्सा शायद कास्टिंग प्रक्रिया में कई बार रिजेक्शन का सामना करने की वजह से भी आया. बार-बार रिजेक्शन झेलने के बाद वो तंग आ गई थीं. हालांकि, अब उन्होंने इसे अपने तरीके से लेना सीख लिया है. आहाना बताती हैं, कई, कई रिजेक्शन हुए हैं जहां लोगों ने मुड़कर ना कहा है. ‘फिट नहीं’ ये अक्सर सुनने मिलता था. आज, मैं कह सकती हूं कि यह ठीक है और मुझे पता है कि और भी रिजेक्शन होंगे.
आहाना आगे कहती हैं, ‘मुझे जो मदद मिली वह थी एक प्लान बी था. मैंने खुद से पूछा कि अगर कुछ काम नहीं कर रहा है, तो मेरा अगला प्लान क्या है? इसलिए, मेरे पास प्लान बी, प्लान सी, प्लान डी से लेकर प्लान जेड तक था. अब मुझे लगता है कि मेरे भीतर कहीं न कहीं हमेशा यह विचार था कि अगर एक चीज काम नहीं करती, तो कुछ और जरूर करेगा. मैं हर चीज में खराब नहीं हो सकती. कुछ तो ऐसा होना चाहिए जिसमें मैं अच्छी हूं.’
फिल्म इंडस्ट्री में उनकी यात्रा आज भी आसान नहीं है. लेकिन इसे जारी रखने से उन्हें अपनी क्षमताओं को समझने में मदद मिली है, जिससे उन्हें यह भी एहसास हुआ कि हर चीज हमेशा उनके तरीके से नहीं जाएगी. इस बारे में एक्ट्रेस आगे कहती हैं, ‘आज, मैं कह सकती हूं कि मुझे हमेशा पता था कि मैं एक अच्छी एक्ट्रेस हूं. अब भी, अवसरों की कमी है. मुझे जो भूमिकाएं ऑफर की जा रही हैं, वे पर्याप्त अच्छी नहीं हैं और जिन फिल्म निर्माताओं के साथ मैं काम करना चाहती हूं, वे मेरे साथ काम नहीं कर रहे हैं. लेकिन मुझे पता है कि कुछ और जरूर मेरे लिए काम करेगा’.

प्रांजुल सिंह 3.5 साल से न्यूज18 हिंदी से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने Manorama School Of Communication (MASCOM) से जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन में डिप्लोमा किया है. वो 2.5 साल से एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही है…और पढ़ें
प्रांजुल सिंह 3.5 साल से न्यूज18 हिंदी से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने Manorama School Of Communication (MASCOM) से जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन में डिप्लोमा किया है. वो 2.5 साल से एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही है… और पढ़ें
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