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3 Bollywood films on same Pattern : बॉलीवुड में एक जैसी कहानी और पैटर्न पर फिल्में बनाने का चलन बहुत पुराना है. कई बार यह प्रयोग सफल हुआ तो कई बार मेकर्स के पैसे डूब गए. 29-30 साल पहले एक वर्ष के अंतराल में एक जैसी कहानी पर तीन फिल्में बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हुई थीं. इनमें से दो फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रहीं लेकिन एक फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी. ये तीनों फिल्में कौन सी थीं, आइये जानते हैं….
एक जैसी कहानी पर फिल्में जरूर देखने को मिलती हैं लेकिन एक साल में अंतराल में तीन फिल्में एक ही थीम पर बनाई जाएं, ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है. 1995-96 में एक साल के अंतराल में तीन फिल्में बॉक्स ऑफिस पर आईं जिसमें से दो फिल्में फ्लॉप साबित हुईं. सिर्फ एक फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई. माधुरी दीक्षित-जूही चावला की फिल्म असफल रहीं लेकिन मनीषा कोइराला की फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई. ये फिल्में थीं : याराना, अग्निसाक्षी और दरार.

माधुरी दीक्षित की 1994 में ‘हम आपके हैं कौन’ ने बॉलीवुड में तहलका मचा दिया था. यह फिल्म ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर निकली. अगले ही साल अक्टूबर 1995 में माधुरी दीक्षित की एक फिल्म ‘याराना’ आई थी. इस फिल्म में ऋषि कपूर उनके साथ थे. फिल्म का एक गाना ‘मेरा पिया घर आया ओ रामजी’ बहुत पॉप्युलर हुआ था लेकिन मूवी बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई थी.

याराना फिल्म को डेविड धवन ने डायरेक्ट किया था. युसुफ भट और रीमा राकेश नाथ ने फिल्म प्रोड्यूस की थी. रीमा माधुरी दीक्षित के मैनेजर राकेश नाथ की पत्नी हैं, जिन्होंने साजन फिल्म लिखी थी. संगीत अनु मलिक का था. फिल्म में राज बब्बर और कादर खान भी अहम रोल में थे. इतनी बड़ी स्टार कास्ट के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं दिखा सकी थी.

याराना की रिलीज के 6 माह के भीतर ही 15 मार्च 1996 को एक और फिल्म बॉक्स ऑफिस आई. अग्निसाक्षी में जैकी श्रॉफ, मनीषा कोइराला और नाना पाटेकर इसमें लीड रोल में नजर आए थे. नाम था : अग्निसाक्षी. पार्थो घोष ने फिल्म का डायरेक्शन किया था. कहानी रणबीर पुष्प और हृदय लानी ने लिखी थी. इरोस इंटरनेशनल के बैनर तले फिल्म का प्रोडक्शन किया गया था. प्रोड्यूसर बिंदुमाधव ठाकरे थे जो कि बाला साहेब के सबसे बड़े बेटे थे. फिल्म रिलीज होने के एक माह बाद ही रोड एक्सीडेंट में उनका निधन हो गया था.

फिल्म में म्यूजिक नदीम-श्रवण का था. गीत समीर ने लिखे थे. फिल्म का एक गाना ‘कितना मुश्किल है यारा, दिल लगाना ओ यारा’ बहुत हिट हुआ था. फिल्म का म्यूजिक इस साल का तीसरा सबसे पॉप्युलर म्यूजिक था. फिल्म के 28 लाख ऑडियो कैसेट बिके थे.

बात फिल्म के बजट की करें तो पौने 5 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 31 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. बॉक्स ऑफिस पर यह एक ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी. फिल्म में नाना पाटेकर-मनीषा कोइराला की एक्टिंग को खूब सराहा गया था. नाना पाटेकर को बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवॉर्ड भी मिला था.

सबसे दिलचस्प बात यह है कि अग्निसाक्षी फिल्म के रिलीज होने के छह माह बाद ही जूही चावला की ‘दरार’ फिल्म आई थी. दरार फिल्म में जूही चावला के साथ अरबाज खान और ऋषि कपूर नजर आए थे. अब्बास-मस्तान फिल्म के डायरेक्टर थे. अरबाज खान को बेस्ट विलेन का फिल्म फेयर अवॉर्ड भी मिला था. यह फिल्म बॉक्स पर फ्लॉप रही थी.

ये सभी फिल्में 1991 में आई जूलिया रॉबर्ट्स स्टारर फिल्म ‘स्लीपिंग विथ एनेमी’ पर बेस्ड थीं. इसमें से केवल अग्निसाक्षी ही बॉक्स ऑफिस पर सफल हो पाई. सभी फिल्में एक जैसी स्टोरी लाइन पर बेस्ड थीं. तीनों ही फिल्मों दिखाया गया था कि हीरोइन अपने लवर/प्रेमी से परेशान होकर दूसरे शख्स से शादी कर लेती है. तीनों ही फिल्मों में हीरोइन के पति को सनकी दिखाया गया था.

जैकी श्रॉफ ने नाना पाटेकर के साथ कई फिल्में की हैं. 1989 में आई विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म ‘परिंदा’से नाना पाटेकर ने बॉलीवुड में एंट्री ली थी. जैकी श्रॉफ ने अपने एक इंटरव्यू में नाना पाटेकर को अपना करीबी दोस्त और अपने जैसा किसान बताया था. उन्होंने कहा था, ‘नाना मेरे जैसे किसान हैं. उसे भी कैरम पसंद है, मुझे भी. हम दोनों बैठकर घंटों बातें करते हैं. एकदूसरे के खेत का चावल भी एकदूसरे को दिया है.’

नाना पाटेकर ने अपने एक इंटरव्यू में अग्निसाक्षी फिल्म के बारे में कहा था, ‘अग्निसाक्षी फिल्म में कोई हिंसा नहीं थी. मेरा रोल तिरंगा-क्रांतिवीर से बिल्कुल अलग था. यह फिल्म अमेरिकन फिल्म ‘स्लीपिंग विथ एनेमी’ से इंस्पायर्ड थी. मुझे बताया नहीं था. मैंने वो फिल्म नहीं देखी थी. डायरेक्टर ने कहा कि ये हमारी ओरिजनल कहानी है. मुझे कहानी बहुत अच्छी लगी थी. मैंने कहा कि मैं यह फिल्म करूंगा. मैंने रोल अपने हिसाब से किया.’
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