रिसिन केमिकल जहर आतंकी साजिश मामले में गिरफ्तार संदिग्ध अहमद सैयद पर मंगलवार को जेल में हमला किया गया। अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद संदिग्ध को साथी कैदियों ने जमकर पीटा है। रेसिन आतंकी साजिश के संदिग्ध को हाई सिक्योरिटी सेल में बंद अन्य कैदियों की ओर से पीटे जाने की जानकारी सामने आई है।
मारपीट की भनक लगते ही संदिग्ध अहमद सैयद को जेल प्रशासन ने कैदियों से बचा लिया। गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने इसी महीने 8 नवंबर को डॉक्टर अहमद मोहियुद्दीन सैयद को गिरफ्तार किया था। एटीएस ने उसके हैदराबाद स्थित घर पर छापा भी मारा था।
डॉक्टर अहमद मोहियुद्दीन सैयद एक डॉक्टर है, जिसके पास चीन की एमबीबीएस डिग्री है। डॉक्टर पर खतरनाक और घातक रासायनिक जहर रिसिन बनाने का आरोप है। एटीएस के मुताबिक इस डॉक्टर का हैंडलर इस्लामिक स्टेट खुरासान क्षेत्र (आईएसकेपी) से जुड़ा है।
इस मामले में कार्रवाई करते हुए एटीएस ने डॉक्टर अहमद सैयद के साथ दो और लोगों को गिरफ्तार किया था। उनमें से एक की पहचान आजाद सुलेमान शेख और दूसरे की मोहम्मद सुहेल मोहम्मद सलीम के तौर पर हुई थी। इनसे जुड़े दिल्ली, लखनऊ और अहमदाबाद के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी।
गुजरात एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी ने बताया था कि अहमद सैयद काफी पढ़ा-लिखा और कट्टरपंथी है। उसने बड़ी आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए धन इकट्ठा करने और लोगों को भर्ती करने की योजना बनाई थी। गुजरात एटीएस ने कहा कि आरोपियों ने खुलासा किया है कि उनके हैंडलर की ओर से पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन के जरिए उन्हें हथियारों की खेंप भी भेजी गई थी।
एक गुप्त सूचना के आधार पर एटीएस की टीम ने हैदराबाद के रहने वाले डॉक्टर सैयद को गिरफ्तार किया था। उसे गांधीनगर से दो ग्लॉक पिस्टल, एक ब्रेटा पिस्टल और 30 जिंदा कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया गया था।












