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अनुराग कश्यप की फिल्म की ‘गैंग ऑफ वासेपुर’ ने क्राइम ड्रामा की नई परिभाषा गढ़ी. इतना ही नहीं, इसके बाद से ही रिजनल कहानियों पर फिल्में बनाने का ट्रेंड भी सेट हुआ. गैंग ऑफ वासेपुर 2 पार्ट में बनी थी, जो तीन महीने के अंतराल पर ही सिनेमाघरों में रिलीज हुई. दोनों ही पार्ट को खूब पसंद किया गया.
गैंगस्टर ड्रामा ‘गैंग ऑफ वासेपुर’ को अनुराग कश्यप ने डायरेक्ट किया. इसके डायलॉग्स, गाने और म्युजिक आज भी लोगों को खूब पसंद हैं. गैंग ऑफ वासेपुर की तरह अनुराग कश्यप ने एक और गैंगस्टर ड्रामा फिल्म बनाई. हालांकि इस फिल्म की कहानी कानपुर और लखनऊ में सेट की गई. फिल्म की कहानी भी बाप के मौत की बदले की है. (यूट्यूब वीडियोग्रैब)

फिल्म में एक मां है, जो अपने बच्चों को पालती है. एक शरीफ लड़का बनता है, तो दूसरा अपने पिता की मौत के बदले के लिए गैंगस्टर बनता है. हालांकि, वो उसी शख्स के लिए काम करता है, जिसने उसके बाप का मारा होता है. (यूट्यूब वीडियोग्रैब)

फिल्म का नाम ‘निशांची’ है. ‘निशांची’ इस साल सितंबर में बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हुई. अनुराग ने फिल्म का ज्यादा प्रमोशन नहीं किया. हालांकि, बॉक्स ऑफिस पर इसका कलेक्शन ठीक नहीं रहा. पहले पार्ट को क्रिटिक्स से मिक्स रिव्यूज मिले. (यूट्यूब वीडियोग्रैब)
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वहीं, इसके दूसरे पार्ट को डायरेक्ट ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर रिलीज किया गया. बिना शोर-शराबे के ‘निशांची 2’ को क्रिटिक्स से अच्छा रिस्पांस मिला. निशांची क्राइम, ड्रामा और रिवेंज की कहानी है, जिसमें ऐश्वर्या ठाकरे, वेदिका पिंटो, मोनिका पंवार, विनीत कुमार सिंह, जिशान अय्युब और कुमुद मिश्रा जैसे कलाकार हैं. (यूट्यूब वीडियोग्रैब)

‘निशांची’ की कहानी की शुरुआत एक बैंक डकैती से होती है. बैंक लूटने के लिए ऐश्वर्य ठाकरे के जुड़वा किरदार बबलू-डबलू और रिंकू से होती है. डकैती के दौरान पुलिस आती है और बबलू पकड़ा जाता है. बबलू को 10 साल की सजा होती है. मोनिका बबलू और डबलू की मां मंजरी के किरदार में हैं. (यूट्यूब वीडियोग्रैब)

फिल्म की कहानी फ्लैशबैक में चली जाती है. जहां मंजरी और उसके पति जबरदस्त पहलवान की कहानी देखने को मिलती है. जबदस्त पहलवान का किरदार विनीत कुमार सिंह ने निभाया है. दोनों अपनी लाइफ में खुश है. जबरदस्त को नेशनल कुश्ती खेलनी हैं, लेकिन अखाड़े का गुरु भोला पहलवान अपने दामाद को नेशनल के लिए चुनता है. (यूट्यूब वीडियोग्रैब)

जबरदस्त आहत होता है. जबरदस्त का दोस्त अंबिका उसे गुमराह करता है. उसकी पत्नी यानी मंजरी पर बुरी नजर रखता है. वह गेम प्लान कर जबरदस्त से गुरु भोला पहलवान के दामाद पहलवान का मर्डर करवाता है. इसके इल्जाम में जबरदस्त को जेल होती है. अंबिक जेल में जबरदस्त को मरवा देता है और आरोप गुरु पर आता है. (यूट्यूब वीडियोग्रैब)

अंबिका उसके बेटे बबलू को भड़का कर गुरु को मरवा देता है. बबलू फिर अंबिका की गैंग में शामिल होता है. अंबिका साधारण कार्यकर्ता से विधायक बनता है. फिर अगले पार्ट की शुरुआत होती है. ‘निशांची’ में बबलू जेल से छूटता है. बबलू की गर्लफ्रेंड अब उसके भाई डबलू के साथ रहती है. कहानी कानपुर से लखनऊ शिफ्ट होती है. (यूट्यूब वीडियोग्रैब)

मंजरी, बबलू को समझाती है, तो बबलू जूते की दुकान पर काम करता है. लेकिन अंबिका बबलू को इस्तेमाल करता है और एक मिनिस्टर का मर्डर करने के लिए कहता है. वह मान जाता है. लेकिन उसे पता चलता है कि अंबिका ने उसके पिता मर्डर करवाया था. वह अंबिका को मारने जाता है.लेकिन अंबिका उसे ही मार देता है. क्लाइमैक्स में ट्विस्ट आता है. मंजरी खुद अंबिका को गोली मारती है. क्रेडिट में असली निशांची मंजरी को बताया जाता है. इसे आप प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं. इसकी आईएमडीबी रेटिंग 7.2 है. (यूट्यूब वीडियोग्रैब)
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