उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि महिला सशक्तीकरण के लिए प्रदेश में एक करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित करें। इसके लिए प्रभावी रणनीति बनाएं। जो स्वयं सहायता समूह खाद्य प्रसंस्कृत सामग्री बना रहे हैं, उन्हें खाद्य प्रसंस्करण विभाग से जोड़कर सब्सिडी दिलाई जाए। नये समूहों के गठन का कार्य युद्धस्तर पर कराया जाए। निष्क्रिय समूहों को सक्रिय किया जाए। जिन समूहों को रिवाल्विंग फंड नहीं दिया गया है, उन्हें 31 दिसंबर तक तत्काल दिलाएं।
डिप्टी सीएम ने शनिवार को ग्राम्य विकास विभाग की समीक्षा में कहा कि ग्राम्य विकास विभाग के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को और अधिक सक्रिय किया जाए। इस दौरान बताया गया कि मानव दिवस सृजन, मनरेगा मजदूरों के समय पर भुगतान व अमृत सरोवरों के निर्माण आदि में प्रदेश देश में सबसे आगे है।
ये भी पढ़ें – यूपी में लगातार छठवें साल नहीं बढ़ेंगी बिजली दरें, देश का पहला राज्य बना उत्तर प्रदेश
ये भी पढ़ें – यूपी में अवैध घुसपैठियों के लिए बनाए जाएंगे अस्थायी डिटेंशन सेंटर, सीएम योगी का स्पष्ट निर्देश- सख्त कार्रवाई करें
उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विकास खंडों के आवासीय व अनावासीय भवनों के प्रस्ताव भेजे जाएं। ग्राम चौपालें ग्रामीणों की समस्याओं के निदान के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध हो रही हैं, इनका आयोजन व्यवस्थित तरीके से किया जाए। जहां वह खुद ग्राम चौपाल करेंगे, उसे सभी ग्राम चौपाल से लिंक करते हुए लाइव प्रसारण की भी व्यवस्था की जाए।
बैठक में महानिदेशक राज्य ग्राम्य विकास संस्थान एल. वेंकटेश्वर लू, प्रमुख सचिव सौरभ बाबू, आयुक्त ग्राम्य विकास जीएस प्रियदर्शी, विशेष सचिव जयनाथ यादव, निदेशक ग्रामीण अभियंत्रण विभाग इशम सिंह, अपर आयुक्त मनरेगा अमनदीप डुली, संयुक्त मिशन निदेशक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन जन्मेजय शुक्ला, उपायुक्त मनरेगा चंद्रशेखर, सहायक आयुक्त विनायक सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।











