गोविंदनगर पुलिस ने गुरुवार को एक बड़े वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया। गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी की पांच कारें बरामद कीं। इनमें से तीन कारें गोविंदनगर थाना क्षेत्र से ही चोरी की गई हैं। शातिर चोरी की कारों को बिहार में बेचते थे जहां इनका इस्तेमाल शराब तस्करी के लिए किया जाता है। सभी आरोपियों को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया।
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि बीते कुछ माह में दादानगर फैक्टरी एरिया से तीन कारें चोरी हुई थीं। इनके खुलासे के लिए पुलिस काम कर रही थी। गोविंदनगर इंस्पेक्टर रिकेश कुमार सिंह और उनकी टीम ने बिहार से नालंदा के हरनौत निवासी राजकुमार को गिरफ्तार किया। उसने पूछताछ में बताया कि वह शराब तस्कर है। पटना के थाना कंकड़ बाग के अशोकनगर इलाके के सूरज कुमार और बलिया के नरही के पवन उपाध्याय उर्फ गलगल बाबा संग मिलकर शराब तस्करी करता है।
इस काम के लिए उसे चोरी की गाड़ियों की जरूरत पड़ती है। इन गाड़ियों को आशियाना लखनऊ का रहने वाला सत्यम गुप्ता चुराकर उन्हें बेचता है। फिर इन्हीं कारों की नंबर प्लेट और चेसिस नंबर में हेरफेर कर इनका इस्तेमाल तस्करी के लिए किया जाता है।
ऐसे बरामद हुईं स्विफ्ट डिजायर व नेक्साॅन कारें
पुलिस ने सबसे पहले राजकुमार को गिरफ्तार किया। राजकुमार से पूछताछ में सत्यम का नाम खुला जो कारें चुराकर उन्हें बेचने का काम करता है। राजकुमार ने पुलिस को बताया कि गुरुवार को सत्यम ने चोरी की तीन कारों की डिलीवरी देने के लिए सूरज और पवन को गोविंदनपुरी के पास बुलाया। यहां पुलिस ने घेराबंदी करके इन तीनाें को भी गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से चोरी हुई स्विफ्ट डिजायर , सफेद और नीले रंग की नेक्सॉन कारें बरामद कीं। इन वाहनाें का सौदा 50 हजार से लेकर चार लाख रुपये तक में हुआ था। आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की गई वैगन आर और ब्रीजा कार भी बरामद की।
सौ से ज्यादा कारें चुरा चुका सत्यम
इंस्पेक्टर गोविंदनगर रिकेश कुमार ने बताया कि सत्यम बेहद शातिर चोर है। वह चंद सेकेंड में ही कारों के लॉक तोड़कर उन्हें लेकर चंपत हो जाता है। उस पर कानपुर, बलिया, लखनऊ आदि जिलों में कुल 21 मामले दर्ज हैं। उसने 100 से ज्यादा कारों की चोरी करने की बात कबूली है। इससे पहले वर्ष 2022 में सत्यम को 16 गाड़ियों के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है। उस पर गैंगस्टर की भी कार्रवाई की जा चुकी है।










