राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को उनके पुराने और दिग्गज सहयोगी ने बड़ा झटका दिया है। बिहार सरकार में कई बार मंत्री रहे समाजवादी नेता विजय कृष्ण ने राजद से इस्तीफा दे दिया है। इतना ही नहीं, विजय कृष्ण ने खुद को सक्रिय राजनीति से अलग होने का भी एलान किया है।
नीतीश कुमार को लोकसभा में हरा कर मचाया था तहलका
विजय कृष्ण की पहचान एक ऐसे नेता के रूप में रही है, जिन्होंने साल 2004 के लोकसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर करते हुए राजनीति में तहलका मचा दिया था। उन्होंने बाढ़ लोकसभा सीट से बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री और तब के जनता दल यूनाइटेड अध्यक्ष नीतीश कुमार को करारी शिकस्त दी थी। राजपूत बिरादरी से आने वाले विजय कृष्ण ने लालू और राबड़ी देवी दोनों की सरकारों में मंत्री के तौर पर काम किया था।
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बाढ़ विधानसभा सीट से नीतीश कुमार के खिलाफ लड़े थे चुनाव
1990 और 1995 में जनता दल के टिकट पर बाढ़ विधानसभा सीट से लगातार दो बार विधायक बने। फिर 2004 में लालू यादव ने उन्हें नीतीश कुमार के खिलाफ बाढ़ से लोकसभा लड़ाया, जिसमें उन्हें जीत हासिल की। 1999 से पहले हुए चुनाव में नीतीश कुमार ने विजय कृष्ण को हराया था, जिसके खिलाफ वह कोर्ट गए थे, जहां उनकी याचिका खारिज हो गई थी। 2009 के लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद विजय कृष्ण कुछ समय के लिए नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड में शामिल हो गए थे, हालांकि, वह एक साल के भीतर ही लालू यादव के खेमे में वापस लौट आए थे।
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10 साल जेल में रहे, 2022 में हुए रिहा
विजय कृष्ण का राजनीतिक करियर उतार-चढ़ाव भरा रहा। 2009 में वह एक हत्या के केस में अपने बेटे के साथ फंस गए थे। इस मामले में कोर्ट ने 2013 में विजय कृष्ण समेत चार लोगों को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। वह लगभग 10 साल जेल में रहे, जिसके बाद हाईकोर्ट ने 2022 में उन्हें रिहा कर दिया था। जेल से बाहर आने के बाद भी वह राष्ट्रीय जनता दल में सक्रिय थे, लेकिन अब उन्होंने राजनीति से दूरी बनाने का फैसला किया है।












