बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक कार्यक्रम में महिला का सरेआम हिजाब खींचकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। यह घटना उस समय हुई, जब वह आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र सौंप कर रहे थे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। अब विपक्ष के साथ-साथ सोशल मीडिया यूजर्स भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। हालांकि यह पहली बार नहीं है, जब नीतीश कुमार इस तरह के अजीबोगरीब व्यवहार के कारण विवादों में आए हों। राज्य के विधानसभा चुनाव के दौरान विपक्षी दलों के कई नेताओं ने उनका मानसिक संतुलन बिगड़ने का भी आरोप लगाया था। आइए जाते हैं कब-कब विवादों में रहे नीतीश कुमार-
राष्ट्रगान बजा तो प्रधान सचिव से बात करने लगे..
इस साल मार्च में पटना के पाटलिपुत्र स्टेडियम में सेपक टकरा विश्व कप 2025 आयोजित किया गया था। इसके उद्घाटन के दौरान राष्ट्रगान की घोषणा होने पर नीतीश कुमार मंच से उतर गए थे। उन्होंने खिलाड़ियों से बात की। वहीं, जब राष्ट्रगान बजा तो वह मुस्कुराते हुए अपने प्रधान सचिव से बात करने की कोशिश करते रहे और मीडिया कर्मियों को नमस्ते करने लगे। इसके बाद विपक्ष ने नीतीश कुमार की सेहत को लेकर सवाल करने शुरू कर दिए।
मौन के बाद अचानक ताली बजाने लगे नीतीश कुमार
इसी तरह 18 जनवरी 2025 में प्रगति यात्रा के दौरान नीतीश कुमार ने महिलाओं को लेकर बयान दिया था, जिस पर काफी विवाद खड़ा था। इसके बाद 30 जनवरी को राष्ट्रपति महात्मा गांधी की स्मृति में मौन रखने के बाद नीतीश कुमार अचानक ताली बजाने लगे थे। मार्च 2025 में नीतीश कुमार होली मिलन समारोह में भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद के पैर छूने लगे। नीतीश कुमार पहले भी कई बार महिलाओं पर बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं।
मंच पर पीएम मोदी की अचानक हथेली पकड़ी
पिछले साल 19 जून को नालंदा में एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर नीतीश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हथेली पकड़कर देखने लगे थे। यह देखकर प्रधानमंत्री मोदी हंसते हुए नजर आए थे।
रावण वध समारोह के दौरान तीर फेंक दिया
इसी तरह अक्तूबर 2024 में गांधी मैदान में रावण वध समारोह था। इस दौरान उन्हें रावण पर चलाने के लिए तीर धनुष दिए गए। लेकिन उन्होंने अचानक इसे फेंक दिया। इस देखकर वहां मौजूद लोग चकित रह गए थे।
विधानसभा में अशोक चौधरी के ब्रेसलेट से खेलने लगे
पिछले साल ही नवंबर में विधानसभा में जब अशोक चौधरी संबोधित कर रहे थे। तभी नीतीश कुमार उनके पास बैठे उनके ब्रेसलेट से खेलते हुए नजर आए थे।
विधानसभा में यौनिकता से जुड़ा विवादित बयान दिया
नवंबर 2023 में बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान उन्होंने महिला-पुरुष संबंध (प्रजनन) पर विवादित बयान दिया था। इस दौरान सदन में मौजूद महिला सदस्य झेंप गई थीं। इस बयान से भी काफी विवाद खड़ा हुआ था। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
ताजा मामला क्या हुआ है?
वीडियो में देखा जा सकता है कि नीतीश कुमार महिला को नियुक्ति पत्र देने के बाद उसके हिजाब की ओर इशारा कर रहे हैं। उन्होंने इसके बारे में पूछा और हिजाब हटाने का निर्देश दिया। फिर खुद हिजाब को खींच लिया। यह घटना मुख्यमंत्री कार्यालय में ‘संवाद’ कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां एक हजार से अधिक आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। जब हिजाब पहने नुसरत परवीन की बारी आई, तो 75 वर्षीय मुख्यमंत्री ने हिजाब खींचते हुए कहा- यह क्या है? उसी समय एक अधिकारी ने महिला को जल्दी से वहां से हटाया। जबकि उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी नीतीश कुमार के बगल में खड़े थे।
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राजद ने बोला मुख्यमंत्री पर हमला
विपक्ष ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस दोनों ने ही वीडियो को अपने सोशल मीडिया खातों पर साझा किया। राजद ने अपनी पोस्ट में वीडियो साझा करते हुए लिखा, यह क्या हो गया है नीतीश जी को? मानसिक स्थिति बिल्कुल ही अब दयनीय स्थिति में पहुंच चुकी है या नीतीश बाबू अब 100% संघी हो चुके हैं?
तुरंत इस्तीफा दें नीतीश कुमार: कांग्रेस
वहीं, कांग्रेस ने इस ‘बेहद शर्मनाक कृत्य’ पर हमला करते हुए वीडियो साझा किया और उनके इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस ने लिखा, ये बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं। इनकी बेशर्मी देखिए- एक महिला डॉक्टर जब अपना नियुक्ति पत्र लेने आई तो नीतीश कुमार ने उनका हिजाब खींच लिया। बिहार के सबसे बड़े पद पर बैठा हुआ आदमी सरेआम ऐसी नीच हरकत कर रहा है। सोचिए- राज्य में महिलाएं कितनी सुरक्षित होंगी? नीतीश कुमार को इस घटिया हरकत के लिए तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। ये घटियापन माफी के लायक नहीं है।
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यह महिला का सार्वजनिक उत्पीड़न: प्रियंका चतुर्वेदी
शिव सेना (उद्धव ठाकरे गुट) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने इस कृत्य को ‘सार्वजनिक उत्पीड़न’ करार दिया। उन्होंने लिखा, यह पूरी तरह से निंदनीय है और महिला के हिजाब को जबरदस्ती खींचना, चुने हुए मुख्यमंत्री द्वारा एक महिला का सार्वजनिक उत्पीड़न है।
यह वीडियो पटना का है, जहां नितीश कुमार ने 1,283 आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, इन नियुक्तियों में 685 आयुर्वेद डॉक्टर, 393 होम्योपैथिक और 205 यूनानी प्रणाली के डॉक्टर शामिल थे। इनमें से 10 को नीतीश कुमार ने सीधे नियुक्ति पत्र दिए, जबकि बाकी को ऑनलाइन सौंपे गए।
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