गोवा की एक अदालत ने इस महीने की शुरुआत में आग लगने की घटना में 25 लोगों की मौत से जुड़े मामले में गिरफ्तार किए गए ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब के दो मैनेजरों को मंगलवार (23 दिसंबर) को जमानत दे दी। जिला न्यायाधीश डी. वी. पाटकर ने नाइटक्लब के मैनेजर राजवीर सिंघानिया और प्रियांशु ठाकुर को कुछ शर्तों के साथ जमानत मंजूर की।
हालांकि, अदालत ने इसी मामले में गिरफ्तार तीसरे मैनेजर विवेक सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी।
मालूम हो कि उत्तरी गोवा के अरपोरा गांव में स्थित इस नाइटक्लब में 6 दिसंबर को भीषण आग लग गई थी, जिसमें 25 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे के एक दिन बाद यानी 7 दिसंबर को तीनों मैनेजरों को गिरफ्तार किया गया था।
लूथरा बंधुओं की पुलिस हिरासत पांच दिन बढ़ी
इधर, प्रत्यर्पण के बाद भारत लाए गए इस अग्निकांड के मुख्य आरोपी सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा की पुलिस हिरासत को बढ़ा दी गई है। यह फैसला गोवा की एक अदालत ने सोमवार (22 दिसंबर) को लूथरा बंधुओं की पेशी के दौरान सुनाया। ये दोनों भाई नाइटक्लब ‘बिर्च बाय रोमियो लेन’ के मालिक हैं।
हादसे के बाद दोनों आरोपी थाईलैंड भाग गए थे, लेकिन वहां से उन्हें 17 दिसंबर को भारत वापस भेज दिया गया। पीड़ित परिवारों की ओर से पैरवी कर रहे वकील विष्णु जोशी ने बताया कि अदालत ने जांच के लिए पुलिस को और समय दिया है।
अजय गुप्ता को भी न्यायिक हिरासत में भेजा
मामले में अदालत ने क्लब के एक अन्य मालिक अजय गुप्ता को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, क्योंकि पुलिस ने उनकी हिरासत बढ़ाने की मांग नहीं की थी। अंजुना पुलिस ने लूथरा भाइयों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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गोवा अग्निकांड पर एक नजर
गौरतलब है कि ये पूरी घटना तब की है, जब बीते छह दिसंबर की रात, अरपोरा स्थित बिर्च क्लब में अचानक आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में 5 पर्यटक और 20 कर्मचारी की मौत हुई। क्लब के मालिक गौरव और सौरभ लूथरा हैं। गोवा सरकार और पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और सभी कानूनी कार्रवाई तेज और सख्ती से पूरी की जाएगी।
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