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बॉलीवुड के ओरिजिनल शोमैन ने अपनी निजी जिंदगी को हमेशा चकाचौंध से दूर रखा. यही वजह थी कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी मीडिया से पूरी तरह छिपाकर बेहद निजी अंदाज में करवाई. खास बात यह रही कि उस शादी के कुछ असली और भावनात्मक पलों को बाद में बड़े पर्दे पर उतार दिया गया. आंगन में विदाई से पहले दुल्हन का भावुक डांस और असली आतिशबाजी, सब कुछ रियल था.दर्शकों ने इसे सिनेमा समझा, लेकिन वही सीन आगे चलकर फिल्म की जान बना और बॉक्स ऑफिस पर भी फिल्म ने जबरदस्त सफलता हासिल की.
नई दिल्ली. हिंदी सिनेमा के इतिहास में कई ऐसी कहानियां दबी हुई हैं, जो वक्त के साथ सामने आकर दर्शकों को चौंका देती हैं. ऐसी ही एक दिलचस्प और भावनात्मक कहानी जुड़ी है, बॉलीवुड के ओरिजिनल शोमैन राज कपूर और उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म से जिसमें असल जिंदगी की शादी के सीन को उन्होंने बड़े पर्दे पर उतार दिया गया था और दशकों तक किसी को इस बात की भनक नहीं लगी. फाइल फोटो.

14 दिसंबर 1924 को जन्मे राज कपूर सिर्फ एक्टर ही नहीं, बल्कि निर्देशक, निर्माता और एक दूरदर्शी फिल्ममेकर थे, जिन्होंने भारतीय सिनेमा की भाषा ही बदल दी. रोमांस, सामाजिक मुद्दों और मानवीय भावनाओं को उन्होंने जिस संवेदनशीलता से पर्दे पर पेश किया, उसका असर आज भी भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में देखा जा सकता है. फाइल फोटो.

भारतीय सिनेमा के मूल शोमैन राज कपूर ने अपनी फिल्मों से न केवल दिल जीते, बल्कि अपनी जिंदगी के पर्सनल मोमेंट्स को भी स्क्रीन पर उतारा. एक ऐसी ही अनोखी कहानी है उनकी बेटी ऋतु कपूर (बाद में ऋतु नंदा) की शादी की रही, जिसके कुछ असली सीन दशकों तक छिपे रहे और बाद में उनकी आइकॉनिक फिल्म में इस्तेमाल हुए. यह खुलासा अब फैंस को हैरान कर रहा है, क्योंकि कोई भी दर्शक इतने सालों तक नहीं समझ पाया कि फिल्म के उन इमोशनल सीन में असली फैमिली वेडिंग की झलक थी. फाइल फोटो.
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साल 1979 में राज कपूर की बेटी ऋतु कपूर के हाथ पीले किए. उन्होंने बिजनेसमैन राजन नंदा को दामाद चुना और बेटी की शादी कर दी. ये बॉलीवुड की सबसे भव्य और यादगार शादियों में से एक मानी जाती है. ये शादी समारोह 7 दिनों तक चला जिसमें राजनेताओं, व्यापारियों और फिल्मी हस्तियों ने शिरकत की. फाइल फोटो. फाइल फोटो.

राज कपूर ने मेहमानों के लिए घर तक की टूटी सड़क तक ठीक करवाई, ताकि सब कुछ परफेक्ट रहे. इस शादी को मीडिया से पूरी तरह बचाकर रखा गया, लेकिन पर्सनल यादों के लिए पूरा समारोह वीडियो टेप किया गया था. प्रतिकात्मक तस्वीर.

बरसों बाद यह राज सामने आया कि इसी शादी के कुछ वास्तविक पलों को राज कपूर ने अपनी फिल्म ‘प्रेम रोग’ में इस्तेमाल किया था. फिल्म की हीरोइन मनोरमा (पद्मिनी कोल्हापुरे) अपने मायके के आंगन में विदाई से पहले भावुक डांस भी ऋतु कपूर की शादी में हुए उनकी स्पॉन्टेनियस डांस से इंस्पायर्ड था.

फिल्म में दिखाई गई आतिशबाजी असली शादी के असली फायरवर्क्स का क्लिप थी. ये सीन इतने रियलिस्टिक थे कि दर्शकों को लगा कि ये सिर्फ रीक्रिएटेड हैं, लेकिन हकीकत में ये फैमिली के पर्सनल मोमेंट्स थे, जो ऑथेंटिसिटी और परंपरा को कैद करने के लिए इस्तेमाल किए गए. फाइल फोटो.

‘प्रेम रोग’ राज कपूर द्वारा निर्देशित और प्रोड्यूस की गई फिल्म थी, जिसमें ऋषि कपूर और पद्मिनी कोल्हापुरे मुख्य भूमिकाओं में थे. फिल्म ने विधवा विवाह और समाज की रूढ़ियों पर सवाल उठाए. अपनी इमोशनल स्टोरी, सोलफुल म्यूजिक (लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल) और परफॉर्मेंस से दिल जीता. यह फिल्म 1982 में रिलीज हुई और बॉक्स ऑफिस पर दूसरे नंबर पर रही.

फिल्म के निर्माता-निर्देशक राज कपूर ने इस तकनीक का इस्तेमाल करके एक तरह से सिनेमाई यथार्थवाद को नई परिभाषा दी . यह जानकारी सालों बाद विभिन्न साक्षात्कारों और फिल्म डॉक्यूमेंट्रीज के जरिए से सामने आई. ‘प्रेम रोग’ की यह खासियत राज कपूर की रचनात्मकता और उनकी निजी जिंदगी को अपनी कला में ढालने की क्षमता का प्रमाण है. फाइल फोटो.
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