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रणवीर सिंह इन दिनों ‘धुरंधर’ को लेकर चर्चा में हैं. धुरंधर में अपने लुक और स्क्रीन प्रेजेंस से लोगों को प्रभावित किया है. ‘धुरंधर’ ने ‘स्त्री 2’, ‘छावा’, ‘पठान’ और ‘पुष्पा 2’ जैसी फिल्मों की कमाई को पीछे छोड़ दिया है. इस कामयाबी ने रणवीर के करियर की चर्चा को फिर से तेज कर दिया है और उन्हें एक बार फिर अपनी पीढ़ी के टॉप स्टार्स की दौड़ में ला खड़ा किया है. इसका सीक्वल 19 मार्च 2026 को रिलीज होगा.
‘धुरंधर’ रणवीर सिंह के लिए करियर चेंजिंग फिल्म बताई जा रही है. लेकिन क्या आप जानते हैं साल 2019 में आई एक ब्लॉकबस्टर में रणवीर सिंह ने रिजेक्ट कर दिया था. इस फिल्म फिल्म बॉलीवु़ड के बॉक्स ऑफिस इतिहास को बदल दिया था. यह एक ब्लॉकबस्टर तमिल फिल्म का हिंदी रीमेक थी. कौन-सी है ये फिल्म और रणवीर सिंह ने इसे करने से क्यों मना कर दिया? आइए जानते हैं.

रणवीर सिंह ने एक ऐसा प्रोजेक्ट ठुकरा दिया था, जो उनके करियर में एक और बड़ी हिट जोड़ सकता था. रणवीर सिंह ने कबीर सिंह का रोल करने से मना कर दिया था. इस किरदार को बाद में शाहिद कपूर ने निभाया था. संदीप रेड्डी वांगा की कास्टिंग ने बॉलीवुड के बॉक्स ऑफिस इतिहास को बदल दिया.

रणवीर सिंह और रणबीर कपूर के बीच तुलना पिछले एक दशक से बॉलीवुड में चर्चा का विषय रही है. जहां रणवीर ने ‘बाजीराव मस्तानी’, ‘पद्मावत’, ‘सिंबा’ और ‘गली बॉय’ जैसी फिल्मों से 2010 का दशक अपने नाम किया, वहीं उन्होंने ‘कबीर सिंह’ को करने से मना कर दिया, जो बाद में शाहिद कपूर के करियर की सबसे बड़ी हिट बन गई.
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डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा ने फिल्म ‘कबीर सिंह’ के बारे में बात की. साल 2019 में रिलीज हुई ‘अर्जुन रेड्डी’ की इस हिंदी रीमेक ने दुनियाभर में करीब 380 करोड़ रुपये की कमाई की और आज भी शाहिद की सबसे बड़ी फिल्म मानी जाती है. संदीप रेड्डी वांगा ने आईड्रीम मीडिया से बातचीत के दौरान ‘अर्जुन रेड्डी’ को हिंदी में रीमेक बनाने की जर्नी को याद किया.

संदीप रेड्डी वांगा ने कहा, “मुंबई से लगातार कॉल आ रहे थे रीमेक के लिए. मेरी पहली पसंद रणवीर सिंह थे. मैं उनके साथ फिल्म बनाना चाहता था. लेकिन उन्होंने मना कर दिया, क्योंकि उन्हें लगा कि उस वक्त फिल्म उनके लिए बहुत डार्क है.” रणवीर के मना करने के बाद यह रोल शाहिद कपूर को ऑफर किया गया. इंडस्ट्री के जानकारों को इस फैसले पर शक था, क्योंकि शाहिद की सबसे बड़ी सोलो हिट तब सिर्फ 65 करोड़ के आसपास थी.

संदीप रेड्डी वांगा ने कहा, “लोग कहते रहे, ‘अगर रणवीर होते तो बॉक्स ऑफिस और बड़ा होता.’ लेकिन मुझे शाहिद पर पूरा भरोसा था. वह शानदार एक्टर हैं.” आज जब पीछे मुड़कर देखते हैं तो आंकड़े सब कुछ बयां करते हैं. 36 करोड़ के बजट में बनी ‘कबीर सिंह’ अपने समय की सबसे बड़ी हिंदी फिल्मों में से एक बन गई. अगर रणवीर ने यह फिल्म की होती, तो यह उनकी उस दौर की हिट फिल्मों की लिस्ट में शामिल हो जाती और शायद रणबीर कपूर पर उनकी बढ़त और मजबूत हो जाती.

सिर्फ कमाई ही नहीं, बल्कि यह किरदार भी काफी लेयर्ड और विवादित था, जिसमें रणवीर जैसे इंटेंस एक्टर को एक डार्क और जटिल किरदार निभाने का मौका मिलता. अपनी वर्सेटिलिटी के लिए मशहूर रणवीर के लिए यह एक और माइलस्टोन परफॉर्मेंस हो सकती थी. आज भी ‘कबीर सिंह’ अपनी थीम्स और पॉलिटिक्स को लेकर चर्चा में रहती है, लेकिन यह बॉलीवुड की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में भी गिनी जाती है.

रणवीर सिंह के लिए इसे ठुकराना उनके करियर के सबसे दिलचस्प ‘क्या होता अगर’ में से एक है. ‘धुरंधर’ ने भले ही उनकी बॉक्स ऑफिस पोजिशन को फिर से मजबूत कर दिया हो, लेकिन ‘कबीर सिंह’ का छूटा मौका यह याद दिलाता है कि एक फैसला किसी भी स्टार के सफर की दिशा बदल सकता है.
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