विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत यूपी में मतदाता सूची से 2.89 करोड़ नाम हटा दिए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मंगलवार को कच्ची मतदाता सूची (ड्राफ्ट रोल) जारी की। रिणवा ने कहा कि अब से 6 फरवरी तक कोई भी व्यक्ति या मतदाता कच्ची मतदाता सूची को लेकर अपना दावा या आपत्ति कर सकता है। जिन मतदाताओं के नाम कच्ची मतदाता सूची में शामिल हैं, उनमें से 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस मिलेगा, क्योंकि उनके रिकॉर्ड का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो सका है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नोटिस का चरण (सुनवाई व सत्यापन) और दावों व आपत्तियों के निस्तारण का काम 6 जनवरी से 27 फरवरी के बीच पूरा होगा। जिन मतदाताओं को नोटिस मिलेगा, उन्हें चुनाव आयोग की ओर से मान्य 12 दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। नोटिस पाने वाले जो मतदाता ये दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाएंगे, उनका नाम पक्की (फाइनल) मतदाता सूची में शामिल नहीं होगा। पक्की (फाइनल) मतदाता सूची 6 मार्च को प्रकाशित की जाएगी।
यह पूछे जाने पर कि नोटिस पाने वाले जिन मतदाताओं के नाम फाइनल सूची से हटाए जाएंगे, क्या उसकी जानकारी आयोग की ओर से किसी प्राधिकारी (गृह विभाग आदि) को भी भेजी जाएगी, रिणवा ने कहा कि इस जानकारी को आयोग सीधे किसी प्राधिकारी (अथॉरिटी) को नहीं भेजेगा। अलबत्ता ऐसे मतदाताओं का ब्योरा आयोग सार्वजनिक करेगा।