दिग्गज अभिनेता इरफान खान की 59वीं जयंती है। इस मौके पर उनकी आखिरी रिलीज फिल्म ‘मर्डर एट तीसरी मंजिल 302’ को याद करना, उनके अभिनय से ज्यादा उनकी इंसानियत को याद करना है। अमर उजाला से बातचीत में आखिरी फिल्म के निर्देशक नवनीत बाज सैनी ने बताया कि इरफान खान को अपना जन्मदिन सेट पर काम करते हुए ही मनाना पसंद था, क्योंकि उनके लिए काम ही सबसे बड़ा उत्सव था। बातचीत के दौरान उन्होंने इरफान से जुड़ी कई यादें साझा कीं।
जब इरफान ने पूछा, यह कैरेक्टर तुम्हारे दिमाग में कहां से आया
जब मैंने इरफान को इस फिल्म के लिए अप्रोच किया, उस समय वे इमरान हाशमी के साथ एक फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। मैंने उन्हें उसी वक्त इस कहानी के प्रोटेगनिस्ट के तौर पर देखा था। उन्होंने मुझसे बहुत सादगी से पूछा कि तुम मुझे इस फिल्म में क्या बनाना चाहते हो। मैंने उनसे कहा कि आप एक बार स्क्रिप्ट पढ़ लीजिए, आपको खुद समझ में आ जाएगा।
इस फिल्म की कहानी और उसका नरेटिव उस समय के सिनेमा से बिल्कुल अलग था। यह एक नॉन लीनियर अप्रोच थी, जिसमें एक साधारण कहानी को अलग ढंग से कहा गया था। स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद इरफान साहब ने मुझसे पूछा कि यह कैरेक्टर कहां से आया। उन्हें किरदार और कहानी कहने का तरीका दोनों पसंद आए। मैंने उनसे कहा कि इसी वजह से मैं यह फिल्म बनाना चाहता था। फिल्म की रिलीज में काफी देरी हुई। एक समय ऐसा भी आया जब तारीख अनाउंस हो चुकी थी, लेकिन कुछ प्रोडक्शन इशू सामने आ गए। फिल्म आखिरकार रिलीज हुई, लेकिन बहुत देर से। मैं चाहता था कि इरफान साहब अपनी यह फिल्म रिलीज होते हुए देखें। अफसोस, वह पल उनके साथ साझा नहीं हो पाया।











