Last Updated:
रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना स्टारर स्पाई थ्रिलर ‘धुरंधर’ सिर्फ अपनी कहानी और दमदार परफॉर्मेंस के लिए ही नहीं, बल्कि अपने भव्य और सोच-समझकर चुने गए लोकेशन्स के लिए भी चर्चा में है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि फिल्म को कहां-कहां शूट किया गया. देश के कोने-कोने के साथ इंटरनेशनल लोकेशन्स को फिल्म को शूट किया गया. चलिए बताते हैं निर्देशक आदित्य धर ने कैसे अपने मिशन ‘धुरंधर’ मुंबई की गलियों से इंटरनेशनल गलियारों में शूट किया और सक्सेसफुल भी बनाया.
नई दिल्ली. ‘अगर तुम लोगों के पटाखे खत्म हो गए हो तो मैं धमका शुरू करूं’… फिल्म ‘धुरंधर’ का ये डायलॉग तो ‘हमजा अली माजारी’ यानी रणबीर सिंह ने ‘ल्यारी’ के अंदर मारा था. लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इसका जबरदस्त असर देखने को मिल रहा है. निर्देशक आदित्य धर की ब्लॉकबस्टर स्पाई थ्रिलर ‘धुरंधर’बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है. दुनिया भर से फिल्म ने 1,233 करोड़ की कमाई 35 दिनों में अंदर कर ली है. ये आंकड़ा तो तब है, जब खाड़ी देशों ने फिल्म की रिलीज पर बैन लगी दिया. बॉक्स ऑफिस की शानदार कमाई के साथ-साथ इसकी शूटिंग लोकेशंस ने भी दर्शकों को हैरान कर दिया है. इस फिल्म को भारत से लेकर विदेश तक कई स्थानों पर शूट किया गया, जिसने हर सीन को एक अलग मनोदशा और ऐतिहासिक पैमाना दिया. File Photo

‘धुरंधर’ को लेकर मन में काफी सवाल है. जैसे पाकिस्तान के सीन कहां शूट किए होंगे? ल्यारी कहां बनाई होगी? ऐसे कई सवाल के साथ लोग ये जानना चाहते हैं कि आखिर ‘धुरंधर’ की शूटिंग कहां-कहां हुई. तो चलिए बताते हैं. फिल्म की शुरुआत बैंकॉक, थाईलैंड से होती है. जहां जुलाई 2024 में शूटिंग शुरू हुई, जहां अंतरराष्ट्रीय निगरानी और चेज सीक्वेंस फिल्माए गए. रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैंकॉक को पाकिस्तान की लोकेशन्स को रीक्रिएट करने के लिए चुना गया. जहां सर्विलांस और हाई-ऑक्टेन चेज सीक्वेंस फिल्माए गए. खास बात यह है कि इन लोकेशन्स को पाकिस्तान जैसे इलाकों के रूप में डिजाइन किया गया, जिससे कहानी की गोपनीयता और सस्पेंस बना रहे. File Photo

पंजाब के अमृतसर में गोल्डन टेम्पल के आस-पास कुछ अहम सीन्स शूट किए गए. इन सीन्स को बेहद संयम और संवेदनशीलता के साथ फिल्माया गया, जो कहानी के भावनात्मक और आत्ममंथन वाले पहलुओं को मजबूती देते हैं. File Photo
Add News18 as
Preferred Source on Google

मुंबई में माध आइलैंड का इस्तेमाल इसके कोस्टल और अर्बन टेक्सचर के लिए किया गया. Image: YouTube

वहीं, फिल्मिस्तान स्टूडियो फरवरी 2025 में फिल्म का मुख्य प्रोडक्शन बेस रहा, जहां जटिल इंटीरियर सीन और बड़े सेट पीसेज शूट हुए. File Photo

एक्शन और ट्रांजिशन को रियलिस्टिक टच देने के लिए डोंबिवली-मनकोली ब्रिज को बिना ज्यादा बदलाव के इस्तेमाल किया गया. इसके इंडस्ट्रियल बैकड्रॉप ने चेज सीक्वेंस को जमीन से जुड़ा एहसास दिया. Image: YouTube

ग्रामीण परिवेश दिखाने के लिए लुधियाना के खेड़ा गांव को चुना गया, जिसे पाकिस्तान के गांव जैसा रूप दिया गया. यहां फिल्माए गए सीन यादों और भावनाओं से जुड़े हैं, जिसने स्थानीय स्तर पर भी चर्चा बटोरी. Image: YouTube

फिल्म का सबसे चुनौतीपूर्ण शेड्यूल लद्दाख में रहा. अगस्त 2025 में शुरू हुई शूटिंग के दौरान ऊंचाई और मौसम ने मुश्किलें खड़ी कीं. हालांकि, पत्थर साहिब जैसे इलाकों की सख्त और वीरान वादियों ने कहानी के अकेलेपन और संघर्ष के भाव को और तीखा बनाया.

इसके अलावा, विले पार्ले स्थित गोल्डन टोबैको फैक्ट्री में एक भव्य डांस सीक्वेंस शूट हुआ, जो फिल्म के गंभीर टोन के बीच रंग और ऊर्जा का अनोखा कॉन्ट्रास्ट पेश करता है. File Photo
![]()










