अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विशेष बलों के वरिष्ठ कमांडरों को ग्रीनलैंड पर संभावित हमले के लिए आपात योजना तैयार करने का निर्देश दिया है। हालांकि, बताया जा रहा है कि इस कदम का शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने विरोध किया है। वे इसकी कानूनी वैधता और राजनीतिक व्यवहार्यता पर सवाल उठा रहे हैं।
डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने जॉइंट स्पेशल ऑपरेशंस कमांड (जेएसओसी) को हमले का प्लान बनाने के लिए कहा है। हालांकि, कहा जा रहा है कि इस प्रस्ताव का जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसा कोई भी अभियान गैर कानूनी होगा और उसे संसद का समर्थन नहीं मिलेगा। एक राजयनिक ने डेली मेल को बताया, जनरलों को लगता है कि ट्रंप का ग्रीनलैंड प्लान पागलपन और गैर-कानूनी है। इसलिए वे उन्हें दूसरे बड़े सैन्य अभियान से भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। वे कहते हैं कि यह पांच साल के बच्चे से डील करने जैसा है।
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एक सूत्र ने मेल को बताया, उन्होंने ट्रंप को कम विवादित उपायों के बारे में बात करके भटकाने की कोशिश की है, जैसे कि रूसी घोस्ट जहाजों को रोकना, जो मॉस्को द्वारा पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने के लिए चलाए जा रहे सैकड़ों जहाजों का एक खुफिया नेटवर्क है या ईरान पर हमला करना।
क्यूबा को धमकाया, कहा-बहुत देर होने से पहले समझौता कर लो
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को धमकाते हुए कहा कि इससे पहले कि बहुत देर हो जाए समझौता कर लो। रिपब्लिकन नेता ने रविवार सुबह सोशल मीडिया पोस्ट में क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार को चेतावनी दी कि वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो के पकड़े जाने के बाद कैरेबियाई देश को काराकस से अब तेल या पैसा नहीं मिलेगा।
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क्यूबा लंबे समय से वेनेजुएला की भारी तेल आपूर्ति पर निर्भर रहा है। पिछले हफ्ते जब अमेरिका ने मादुरो को पकड़ लिया तो ट्रंप ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से देश का तेल अमेरिका भेजने के लिए कहा। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, अब क्यूबा को और तेल या पैसा नहीं मिलेगा- बिल्कुल नहीं! मैं उन्हें सलाह देता हूं कि वे बहुत देर होने से पहले एक डील कर लें। क्यूबा कई वर्षों तक वेनेजुएला से मिलने वाले भारी मात्रा में तेल और पैसे पर जिंदा रहा। इसके बदले में क्यूबा ने वेनेजुएला के पिछले दो तानाशाहों को सुरक्षा उपलब्ध कराया, लेकिन अब और नहीं।
पिछले हफ्ते अमेरिकी हमले में ज्यादातर क्यूबाई लोग मारे गए हैं और वेनेजुएला को अब गुंडों और रंगदारों से सुरक्षा की जरूरत नहीं है जिन्होंने इतने वर्षों तक उन्हें बंधक बनाकर रखा था। वेनेजुएला के पास अब अमेरिका है जो दुनिया की सबसे ताकतवर मिलिट्री है (अब तक), उनकी रक्षा हम करेंगे। उल्लेखनीय है कि वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले में 100 लोग मारे गए थे, जिनमें 32 क्यूबाई सेना व खुफिया सेवा के सदस्य थे।











