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क्या आप उस खूबसूरत एक्ट्रेस के बारे में जानते हैं जिसने महज 6 साल में ही कई बड़ी फिल्में दी और पैन इंडिया लेवेल पर पॉपुलैरिटी हासिल की है. वह कई मेगाबजट फिल्मों में लीड और बड़े रोल निभा रही हैं. पिछले साल एक 900 करोड़ी फिल्म दी और इस साल भी यश की ‘टॉक्सिक’ लीड रोल में दिखाई देगी.
इस एक्ट्रेस ने 23 की उम्र में हिंदी और कन्नड़ फिल्मों में एक साथ कदम रखा. अब यह एक्ट्रेस 29 साल की है. बहुत कम उम्र में पॉपुलैरिटी पाने वाली यह एक एक्ट्रेस बहादुर सेना अधिकारी की बेटी है. एक्ट्रेस ने आर्मी स्कूल से पढ़ाई करने के बाद लंदन की एक यूनिवर्सिटी से एक्टिंग की पढ़ाई की. कौन है यह एक्ट्रेस.. आइए जानते हैं. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

इस एक्ट्रेस के पिता अशोक चक्र विजेता है. एक्ट्रेस का नाम रुक्मिणी वसंत है. रुक्मिणी ने हिंदी के साथ-साथ कन्नड़, तमिल और तेलुगू फिल्मों में भी किया है. रुक्मिणी की पहली हिंदी फिल्म ‘अपस्टेयर्स’ साल 2019 में आई. इसी साल उनकी कन्नड़ फिल्म ‘बीरबल ट्रिलॉजी’ आई. दोनों ही फिल्में फ्लॉप रही. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

रुक्मिणी वसंत को साल 2023 में आई ‘सप्ता सागरादाचे एलो-साइड ए’ और ‘सप्ता सागरादाचे एलो-साइड बी’ से खूब पॉपुलैरिटी मिली. फिर उन्होंने ‘बगीरा’, ‘ऐस’, ‘मद्रासी’ और ‘कंतारा चैप्टरः 1’ जैसी फिल्मों में काम किया. ‘सप्त सागरदाचे एलो – साइड ए’ और ‘साइड बी’ में. ये उनकी तीसरी और चौथी फिल्में थीं, जिनमें उन्होंने अपनी भावनात्मक गहराई और सहज अदाकारी से दर्शकों का दिल जीत लिया. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @rukmini_vasanth)
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‘कांतारा: चैप्टर 1’ की जबरदस्त सफलता के साथ उनका करियर एक नई ऊंचाई पर पहुंच गया है. ‘कांतारा चैप्टर-वन’ ऑस्कर के लिए शॉर्टलिस्ट हुई है. यह ‘धुरंधर’ से पहले 2025 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी थी. फिल्म ने 900 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @rukmini_vasanth)

रुक्मिणी वसंत शहीद भारतीय सेना अधिकारी कर्नल वसंत वेंगुपाल और प्रसिद्ध भरतनाट्यम डांसर व सामाजिक कार्यकर्ता सुभाषिनी वसंत की सबसे बड़ी बेटी हैं. कर्नल वसंत वेंगुपाल कर्नाटक के पहले अशोक चक्र प्राप्तकर्ता थे, जो देश का सबसे बड़ा शांति काल का वीरता पुरस्कार है. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @rukmini_vasanth)

कर्नल वसंत वेंगुपाल 2007 में जम्मू-कश्मीर के उरी में घुसपैठियों को रोकने के ऑपरेशन के दौरान शहीद हो गए थे. उनकी बहादुरी और बलिदान के चलते उन्हें कर्नाटक के पहले सैनिक के रूप में अशोक चक्र से सम्मानित किया गया. उनकी बहादुरी की कहानी आज भी कई लोगों को प्रेरित करती है. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @rukmini_vasanth)

रुक्मिणी वसंत ने कई बार अपने पिता के बलिदान और परिवार की मजबूती के बारे में बात की है. उन्होंने कहा, “जब मैंने अपने पिता को खोया और अपनी मां की दुनिया बिखरते देखी, तो मुझे उनकी पीड़ा को समझने और उस ताकत व भावना को दूसरों के साथ बांटने की इच्छा हुई. मैंने अपने परिवार की कहानी और अपने नुकसान को कुछ सार्थक बनाने की कोशिश की. उस अनुभव ने मुझे गहरी संवेदनशीलता दी — अपनी पीड़ा को दूसरों के भले के लिए इस्तेमाल करने की चाहत.”(फोटो साभारः इंस्टाग्राम @rukmini_vasanth)

बाद में, उनके परिवार ने वीर रत्न फाउंडेशन की स्थापना की, जो देश के लिए शहीद हुए बहादुर सैनिकों के परिवारों की मदद करता है. रुक्मिणी ने कहा, “अपने दर्द से आगे बढ़कर दूसरों के साथ खड़े होना बहुत मायने रखता है. इससे साझा ताकत और समुदाय की भावना बनती है.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @rukmini_vasanth)

रुक्मिणी ने बेंगलुरु आर्मी पब्लिक स्कूल, एयर फोर्स स्कूल और सेंटर फॉर लर्निंग में पढ़ाई की, इसके बाद उन्होंने अभिनय को अपना करियर चुना. उन्होंने लंदन के ब्लूम्सबरी स्थित रॉयल एकेडमी ऑफ ड्रामैटिक आर्ट्स से एक्टिंग की डिग्री हासिल की. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @rukmini_vasanth)
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