कवि कुमार विश्वास सोमवार को अयोध्या पहुंचे उन्होंने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। इससे पहले एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हम सौभाग्शाली हैं जो इस कालखंड के साक्षी बने हैं। हमने अयोध्या का संघर्ष, रक्तरंजित इतिहास देखा, संतों का अपमान देखा, कारसेवकों के आंसू और सरयू का लाल जल देखा, उसके बाद भव्य प्राण प्रतिष्ठा भी देखी।
कृष्ण जन्मभूमि की ओर इशारा करते हुए कहा कि रामकथा के आदि आचार्य भगवान शंकर से प्रार्थना है कि एक देवता के दर्शन तो करा दिए शीघ्र ही दूसरे देवता के भी दर्शन करा दें। उन्होंने कहा कि अयोध्या अब और अधिक रूचिकर लगती है। पहले मन में ग्लानि होती थी, दुख होता था कि जहां त्रिलोक के अधिपति ने अवतार लिया वहां ठीक से व्यवस्था नहीं थी। अब बेहतर व्यवस्थाएं हो गई हैं।
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भगवान जिन पर रीझते हैं, उन पर कृपा भी करते हैं। जो मंदिर का विरोध करते थे वह भी अब दर्शन करने आ रहे हैं, इस सवाल के जवाब में कुमार विश्वास ने कहा कि राम से विरोध न कीजिए। राम से विरोध करने वाला टिक नही पाता। भगवान जिसे चाहते हैं वही उनके दर पर आता है। राम मंदिर में राम मंदिर के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने कुमार विश्वास का अभिनंदन किया।
एक सवाल के जवाब में कहा कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह कम बोलते हैं, इशारों में बोलते हैं लेकिन सार्थक बोलते हैं। दुर्भाग्य से पाकिस्तान हमारी ही जमीन लेकर बैठा है। उसके हाथ में कुछ ऐसी शक्ति लगी है, जिससे सभी दुखी हैं, चिंतित हैं। उनसे सचेत रहना व सावधान रहना भारत का उत्तरदायित्व है। भारत इस समय सक्षम है कि किसी भी मूर्ख की मूर्खता को समुचित रूप से दंडित कर सके।










