नई दिल्ली. साउथ सिनेमा ने कई दिग्गज सुपरस्टार दिए हैं, लेकिन जब भी दमदार, बेबाक और विद्रोही किरदारों की बात होती है, तो दिवंगत अभिनेता कृष्णम राजू का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है. पर्दे पर उनकी मौजूदगी ही कहानी को एक अलग ताकत दे देती थी. यही वजह थी कि दर्शकों ने उन्हें प्यार से ‘रिबेल स्टार’ का खिताब दिया. सिनेमा जगत का एक ऐसा सितारा, जो हर रोल में अपनी अलग छाप छोड़ जाता था.
करीब पांच दशकों से भी लंबे करियर में कृष्णम राजू ने 183 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और हर जॉनर में खुद को साबित किया. सामाजिक कहानियां हों, रोमांटिक ड्रामा, धार्मिक आस्था से जुड़ी फिल्में या फिर ऐतिहासिक किरदार हर फ्रेम में उनका अभिनय दर्शकों से सीधा जुड़ता था. खासतौर पर ‘भक्त कन्नप्पा’ और ‘तंद्रा पपरायुडु’ जैसी फिल्मों ने उन्हें घर-घर तक पहुंचाया और एक आइकॉन बना दिया.
एक्टर ने जीते थे कई नेशनल अवॉर्ड्स
20 जनवरी 1940 को आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले के मोगाल्तुरु गांव में जन्मे कृष्णम राजू ने अपनी पहचान खुद बनाई. अभिनय की दुनिया में उन्होंने साल 1966 में फिल्म ‘चिलाका गोरिंका’ से कदम रखा, जिसे नंदी अवॉर्ड भी मिला. शुरुआती दौर में उन्होंने नायक और खलनायक दोनों तरह के किरदार निभाए, लेकिन बहुत जल्द उनकी छवि एक मजबूत, सशक्त और विद्रोही नायक की बन गई. यही वह मोड़ था, जिसने उन्हें तेलुगू सिनेमा का ‘रिबेल स्टार’ बना दिया.
एक्टर को उनके 5 दशक लंबे करियर के दौरान 5 फिल्मफेयर साउथ और 4 नंदी अवॉर्ड्स मिले थे जो अपने आप में ही बड़ी बात हैं. उनकी फिल्मोग्राफी में ‘अमारा दीपम’, ‘सीता रामुलु’, ‘कटकताला रुद्रैया’, ‘भक्त कन्नप्पा’ और ‘तंद्रा पपरायुडु’ जैसी कई यादगार फिल्में शामिल हैं. खास तौर पर ‘तंद्रा पपरायुडु’ के लिए उन्हें 1986 में फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर अवॉर्ड मिला. इसके अलावा वे 2006 में फिल्मफेयर साउथ लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित हुए थे जिसने उनके योगदान पर मुहर लगा दी.
निर्माता भी थे प्रभास के चाचा
कृष्णम राजू सिर्फ अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक सफल निर्माता भी थे. उन्होंने अपने बैनर ‘गोपी कृष्णा मूवीज’ के तहत कई फिल्मों का निर्माण किया. धार्मिक और ऐतिहासिक फिल्मों में उनकी खास दिलचस्पी ने उन्हें दर्शकों के दिलों में एक अलग स्थान दिलाया.
कृष्णम राजू प्रभास के चाचा थे
राजनीति में खेली सफल पारी
सिनेमा से आगे बढ़कर कृष्णम राजू ने राजनीति में भी मजबूत कदम रखा. साल 1992 में कांग्रेस के टिकट पर नरसापुरम सीट से चुनाव लड़ा, हालांकि पहली बार में उन्हें सफलता नहीं मिली. बाद में 1999 में बीजेपी में शामिल होकर उन्होंने उसी सीट से जीत दर्ज की और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में 1999 से 2004 तक केंद्रीय मंत्री रहे. वो अटल बिहारी सरकार में विदेश राज्य मंत्री थे.
कृष्णम राजू सुपरस्टार प्रभास के चाचा हैं. वो आखिरी बार अपने भतीजे के साथ फिल्म ‘राधे श्याम’ में दिखे थे. दिवंगत एक्टर के भतीजे प्रभास उनके नक्शे कदम पर चलते हुए फिल्म इंडस्ट्री के बाहुबली बन गए हैं. अभिनय, निर्माण और राजनीति तीनों ही क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाने वाले कृष्णम राजू आज भले हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका योगदान और ‘रिबेल स्टार’ की विरासत हमेशा साउथ सिनेमा के इतिहास में अमर रहेगी.
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