श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के अधिकारी सहित 10 बाउंसरों पर मारपीट के आरोप में चाैक थाने में तहरीर दी गई है। फुलवरिया बाबूलाल सोनकर और भदैनी के अनुज पांडेय का आरोप है कि सुरक्षा कर्मियों ने अभद्र व्यवहार किया। इसकी शिकायत मंडलायुक्त और जिलाधिकारी से भी की गई। वहीं, मंदिर एसडीएम शंभू शरण ने बताया कि भोग आरती के दौरान 3-4 लोगों का समूह पश्चिमी द्वार पर बनी रेलिंग को पार कर मंदिर में प्रवेश कर रहा था। सीआरपीएफ ने रोका तो उनके साथ धक्कामुक्की और गाली गलाैज की गई। वहां महिला श्रद्धालु भी कतार में थीं। विवाद से जुड़ी तस्वीर सीसीटीवी में कैद है। चौक इंस्पेक्टर दिलीप कुमार मिश्रा ने बताया कि पूरी जांच मंदिर प्रशासन की ओर से की जा रही है।
पिंडरा में प्रसव पीड़िता को इलाज देने से इन्कार, ग्रामीणों में नाराजगी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गंगापुर मंगारी में सोमवार को एक प्रसव पीड़िता को बिना भर्ती किए और बिना प्राथमिक उपचार के वापस भेजने का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों और परिजनों में रोष है। हरिशंकरपुर निवासी सीमा राजभर को प्रसव पीड़ा होने पर उनके परिजन आनन-फानन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगापुर मंगारी पहुंचे।
आरोप है कि वहां तैनात चिकित्सक डॉ. सारिका रॉय ने मरीज को भर्ती करने से मना कर दिया और कहा कि यहां ऐसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। जब परेशान परिजनों ने इसकी गुहार प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. हाशमी से लगाई तो उन्होंने भी कथित तौर पर वही जवाब देकर पल्ला झाड़ लिया। परिजनों का कहना है कि गंभीर हालत में भी डॉक्टर संवेदनहीन बने रहे, जिसके कारण उन्हें इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ा।
परिजनों ने लापरवाही की शिकायत सीएमओ से करने की चेतावनी दी है। जब इस पूरे मामले में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया तो उन्होंने आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि अस्पताल में पीडियाट्रिक चिकित्सक (बाल रोग विशेषज्ञ) न होने की जानकारी दी गई थी, जिसके बाद परिजन खुद ही मरीज को लेकर चले गए।
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चीनी पेन, कपड़े और खाने के उत्पाद में गड़बड़ी, चार को नोटिस
कंपनियों और ऑनलाइन कंपनियों के उत्पादों के पैकेट पर तमाम गड़बड़ियां पाई गई हैं। बाट माप विभाग ने छापा मार कर 10 पैकेट पकड़े हैं, जिन पर मूल्य से लेकर बनाने की तिथि और फर्मों के नाम दर्ज नहीं हैं। चारों को नोटिस देकर 15 दिन में जवाब मांगा गया है। चीन की पेन की बिक्री में भी गड़बड़ी पाई गई है। ऑनलाइन डिलीवरी की एक बड़ी कंपनी और पूर्वांचल का मशहूर कपड़े का फर्म है। उत्पादों के पैकेट पर उपभोक्ताओं के संरक्षण संबंधी तमाम चीजें दर्ज नहीं की गई हैं।
बाट माप विभाग के उप नियंत्रक अशोक कुमार ने बताया कि महेशपुर में ब्लिंकिट के तीन पैकेट पकड़े गए हैं। इसमें चीनी पेन और खाने के उत्पाद हैं। इन पैकेट पर कस्टमर केयर संबंधी जानकारी नहीं दर्ज है। वहीं, रोहनिया के कपड़े की दो बड़ी फर्मों जालान और बाबा रेडिमेड के पैकेट पर कोई विवरण ही दर्ज नहीं है। एक पर मूल्य भी नहीं लिखा है।
लहरतारा स्थित गोकुल स्वीट्स पर केले के चिप्स के पैकेट पर कोई विवरण नहीं लिखा था। पैकेट को सील कर जब्त करने के साथ ही संबंधित कंपनियों, ऑनलाइन डिलीवरी कंपनी को नोटिस भेजा गया। हर उत्पाद की कंपनी के तीन से पांच मैनेजरों से जवाब मांगा गया है। उप नियंत्रक अशोक कुमार ने बताया कि 15 दिनों के बाद उन पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। 50 हजार से एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगेगा।










