बैनर पर सीईओ
टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी के दोनों गेट पर रेजीडेंट्स ने दो युवराज को न्याय दिलाने के लिए बैनर लगा हैं। नोएडा प्राधिकरण के तत्कालीन सीईओ लोकेश एम की फोटो भी बैनरों पर साफ दिखी। स्थानीय लोगों का शायद मानना है कि युवराज की मौत की वजह नोएडा प्राधिकरण ही है।
पिता बोले- दफ्तर में काम अधिक होने के कारण घर लौटने में हुई देरी
उधर, युवराज के पिता राजकुमार मेहता ने सोमवार को कहा कि बेटा आमतौर पर 10 बजे रात तक घर आ जाता था। मगर घटना की रात उसे आने में देर हुई थी। जब पिता ने उससे देरी का कारण पूछा तो उसने कहा था कि दफ्तर में काम अधिक है। इस कारण आने में देरी हो जाएगी। इस कारण पिता निश्चिंत थे।
शुक्रवार रात करीब 12 बजे युवराज ने अपने पिता को फोन किया कि वह नाले में गिर गया है। उसे बचाओ। इतना सुनते ही उसको बचाने के लिए पिता जिस हालत में थे। वह दौड़ पड़े, उन्होंने पहले नीचे पहुंचकर अपनी स्कूटी उठाई मगर सर्दी के कारण वह स्टॉर्ट नहीं हुई।
सोसाइटी के बाहर मिली थी कैब, घटनास्थल ढूंढने में लगा 30 से 40 मिनट का वक्त
राजकुमार जब सोसाइटी के बाहर आए तो एक कैब मिल गई। पिता ने कैब चालक से हाथ जोड़ा कि वह नाले के पास ले चले। उसने युवराज के पिता बिठाया। वह पहले गलती से एस सिटी के पास एक बड़े नाले के पास गए। मगर युवराज वहां नहीं था।
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