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मशहूर रैपर बादशाह ने पिछले साल 12.45 करोड़ रुपये की रोल्स-रॉयस कुलिनन खरीदकर सुर्खियां बटोरी थीं, लेकिन हाल ही में उन्होंने खुलासा किया कि इसे खरीदने का रोमांच केवल 10-15 मिनट ही रहा. बादशाह के अनुसार, वे तकनीक और लग्जरी में हमेशा ‘बेस्ट’ अनुभव करना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने यह इम्पल्सिव फैसला लिया. करोड़ों की संपत्ति के बावजूद बादशाह आज भी खरीदारी से पहले प्राइस टैग देखते हैं. उन्हें महंगी और रेयर घड़ियों का बेहद शौक है. हालांकि, वे साफ बोले कि उनके लिए रिश्ते भौतिक चीजों से कहीं अधिक कीमती हैं.
नई दिल्ली: इंडियन म्यूजिक इंडस्ट्री के मशहूर रैपर बादशाह अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल और महंगी चीजों के शौक के लिए मशहूर हैं. उन्होंने पिछले साल तब पूरी दुनिया का ध्यान खींचा, जब वे रोल्स-रॉयस कुलिनन सीरीज II खरीदने वाले भारतीय मूल के पहले संगीतकार बने. इस खास क्लब में उनके साथ मुकेश अंबानी और शाहरुख खान जैसे दिग्गज शामिल हैं. हालांकि, बादशाह ने हाल में दिए एक इंटरव्यू में इस करोड़ों की कार को लेकर एक ऐसा खुलासा किया है, जो चौंकाने वाला है.
जब 10 मिनट में खत्म हो गया ‘हाई’
मुंबई में करीब 12.45 करोड़ रुपये की ऑन-रोड कीमत वाली इस एसयूवी को खरीदना बादशाह के लिए कोई लंबी योजना का हिस्सा नहीं था. उन्होंने स्वीकार किया कि यह एक ‘इम्पल्सिव’ फैसला था. बादशाह के अनुसार, ‘मैंने बस अचानक तय कर लिया कि आज इसे लेना है.’ हैरानी की बात यह है कि इस महंगी कार को हासिल करने का रोमांच बहुत ही कम समय के लिए रहा. उन्होंने बताया कि खरीदारी का वह उत्साह या ‘हाई’ केवल 10 से 15 मिनट तक ही रहा. उसके तुरंत बाद उनके मन में ख्याल आया, ‘अच्छी कार है, पर अब आगे क्या?’ उनके लिए यह खुशी केवल एक चेकलिस्ट पूरी करने जैसी थी.
‘बेस्ट’ पाने की चाहत, पर जमीन से जुड़े पैर
बादशाह का मानना है कि उनका माइंडसेट हमेशा से टेक्नोलॉजी और लग्जरी में ‘बेस्ट’ को हासिल करने का रहा है. वे कहते हैं कि जो चीज दुनिया में सबसे अच्छी मानी जाती है, उसे वे खुद अनुभव करना चाहते हैं. हालांकि, करोड़ों की संपत्ति के मालिक होने के बावजूद वे पैसे की अहमियत बखूबी समझते हैं. उन्होंने ईमानदारी से स्वीकार किया, ‘मैं आज भी किसी चीज को खरीदने से पहले उसका प्राइस टैग देखता हूं और उम्मीद करता हूं कि यह आदत कभी न छूटे.’
घड़ियों का शौक और रिश्तों की अहमियत
जब बात निवेश और पसंद की आती है, तो बादशाह कैश से ज्यादा लिमिटेड एडिशन घड़ियों को तवज्जो देते हैं. उनका तर्क है कि दुर्लभ घड़ियों की कीमत समय के साथ बढ़ती है. दिलचस्प बात यह है कि वे इन घड़ियों की असली कीमत अपने माता-पिता को कभी नहीं बताते, क्योंकि उन्हें लगता है कि उनके माता-पिता इतनी महंगी घड़ी की बात पर यकीन नहीं कर पाएंगे. अक्सर ‘मटेरियलिस्टिक’ कहे जाने पर बादशाह कहते हैं कि वे चीजों से ज्यादा रिश्तों को अहमियत देते हैं. उनका कहना है, ‘अगर मेरा कोई दोस्त मेरी महंगी कार क्रैश कर दे, तो मैं कार से पहले दोस्त की सलामती पूछूंगा.’
सिविल इंजीनियर से रैप आइकन तक का सबक
बादशाह ने अपने शुरुआती दिनों का एक किस्सा शेयर किया जब वे एक सिविल इंजीनियर थे. उन्होंने एक रिटायर्ड आईएएस अफसर से पूछा था कि समाज एक अमीर बिजनेसमैन और एक सरकारी अफसर की मर्सिडीज को अलग नजरिए से क्यों देखता है? उस बातचीत ने उन्हें सिखाया कि दौलत और नजरिया आपके इरादों पर निर्भर करता है.
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अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें
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