केन्या की 22 वर्षीय पर्यावरण कार्यकर्ता ट्रूफेन मुथोनी ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (GWR) में अपना नाम दर्ज कर लिया है। उन्होंने लगातार 72 घंटे तक पेड़ को गले लगाकर ‘सबसे लंबी मैराथन ट्री-हगिंग’ का विश्व रिकॉर्ड बनाया।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार, ट्रूफेन ने यह उपलब्धि 8 दिसंबर से 11 दिसंबर 2025 के बीच हासिल की। उन्होंने न्येरी गवर्नर कार्यालय परिसर में 11 दिसंबर को दोपहर 12:25 बजे अपना रिकॉर्ड पूरा किया।
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ट्रूफेन का उद्देश्य
जीडब्ल्यूआर की वेबसाइट के मुताबिक, ट्रूफेन ने यह चुनौती स्वदेशी पेड़ों की रक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने और आदिवासी समुदायों के ज्ञान को सम्मान देने के उद्देश्य से ली थी। उनका मानना है कि जलवायु संकट से निपटने में स्वदेशी ज्ञान की अहम भूमिका है।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने कहा कि इस रिकॉर्ड का उद्देश्य लोगों को प्रकृति से जोड़ना है, ताकि पर्यावरण संरक्षण केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जुनून बन सके।
रिकॉर्ड की पुष्टि के बाद ट्रूफेन ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा, कि लोगों और पृथ्वी के लिए।
दूसरी बार ट्रूफेन को ट्री-हगिंग मैराथन के लिए मान्यता मिली
यह दूसरी बार है जब ट्रूफेन को ट्री-हगिंग मैराथन के लिए मान्यता मिली है। इससे पहले उन्होंने नैरोबी में 31 जनवरी से 2 फरवरी 2025 के बीच 48 घंटे तक पेड़ को गले लगाकर रिकॉर्ड बनाया था। इस दौरान उन्होंने पिछले रिकॉर्ड को लगभग 24 घंटे से अधिक समय तक पीछे छोड़ दिया था।
इससे पहले का रिकॉर्ड किसके नाम रहा?
इससे पहले यह रिकॉर्ड घाना के अब्दुल हकीम अवाल के नाम था, जिन्होंने 23 मई 2024 को कुमासी में 24 घंटे 21 मिनट 4 सेकंड तक पेड़ को गले लगाया था।
जीडब्ल्यूआर के अनुसार, ट्रूफेन ने इस चुनौती को मानसिक और भावनात्मक लाभों को उजागर करने के लिए भी अपनाया। उन्होंने इसके लिए पांच महीने से अधिक समय तक तैयारी की, जिसमें 42 किलोमीटर की पैदल यात्राएं और 12 घंटे तक पेड़ से लिपटने के अभ्यास शामिल थे।
रिकॉर्ड की घोषणा के बाद ट्रूफेन के सोशल मीडिया अकाउंट पर बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया। कई लोगों ने इसे पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरणादायक कदम बताया।












