Last Updated:
भोजपुरी एक्ट्रेस आकांक्षा अवस्थी फ्रॉड केस में फंस गई है. एक्ट्रेस पर 11 करोड़ की ठगी का आरोप है. दावा है कि उन्होंने पति संग मिलकर सारी साजिश रची. मुंबई के पंतनगर पुलिस स्टेशन में पीड़ित हितेश कांतिलाल एफआईआर दर्ज, आर्थिक अपराध शाखा जांच में जुटी है. क्या है पूरा मामला जानिए…
नई दिल्ली. भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की एक्ट्रेस आकांक्षा अवस्थी और उनके पति पर 11.5 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगा है. मुंबई के पंतनगर पुलिस स्टेशन में इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
पीड़ित हितेश कांतिलाल अजमेरा सीमा शुल्क निकासी के व्यवसाय से जुड़े हैं, उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है. आरोप है कि आकांक्षा अवस्थी, उनके पति विवेक कुमार उर्फ अभिषेक कुमार सिंह चौहान और साथियों ने फिल्म इंडस्ट्री में मजबूत कनेक्शन और भारी मुनाफे का लालच देकर पीड़ित से पैसे ऐंठे.
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने खुद को फिल्म इंडस्ट्री में प्रभावशाली बताया. एक्ट्रेस आकांक्षा ने अंधेरी (पश्चिम) में स्थित अपने फिल्म स्टूडियो ‘एकेएस पाठशाला एंटरटेनमेंट’ का दावा किया, जहां भोजपुरी फिल्मों की शूटिंग और नए कलाकारों की ट्रेनिंग होती है. उन्होंने स्टूडियो के मालिकाना हक, शोहरत और 200 करोड़ रुपए के ब्याज-मुक्त लोन का वादा किया.
यही नहीं, एक्ट्रेस के पति विवेक कुमार ने बिहार के बेतिया (पश्चिम चंपारण) में एक गोदाम में 300 करोड़ रुपए नकद फंसे होने की कहानी सुनाई. उन्होंने कहा कि कानूनी कारणों से पैसा नहीं निकाला जा सकता और उसे छुड़ाने के लिए निवेश चाहिए. बदले में चार दिन में 200 करोड़ रुपए बिना ब्याज लौटाने का भरोसा दिया गया. इसके लिए एक्ट्रेस ने खुद पीड़ित को आश्वासन दिया.
जानकारी के मुताबिक, मार्च से जुलाई 2024 के बीच पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 11.5 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए. भरोसा मजबूत करने के लिए उन्हें पटना ले जाया गया और कथित गोदाम से जुड़े दस्तावेज दिखाए गए. बेतिया जाने की योजना भी बनाई गई. 5 जुलाई साल 2024 को बेतिया जाते समय विवेक कुमार मिठाई लेने के बहाने कार से उतरे और फिर गायब हो गए. उनका मोबाइल बंद हो गया. कुछ दिनों तक आरोपी बहाने बनाते रहे, लेकिन बाद में सभी संपर्क से गायब हो गए.
पीड़ित ने बताया कि भारी आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव से उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिस कारण शिकायत में देरी हुई. आखिरकार 28 जनवरी को एफआईआर हुई. वहीं, पुलिस बैंक ट्रांजेक्शन, कथित स्टूडियो, दिखाए गए दस्तावेजों और आरोपियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है. मामले की जांच अब आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी गई है.
About the Author
शिखा पाण्डेय News18 Digital के साथ दिसंबर 2019 से जुड़ी हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. News18 Digital से पहले वह Zee News Digital, Samachar Plus, Virat Vaibhav जैसे प्रतिष्ठ…और पढ़ें
![]()









