सोनभद्र//एबीएन न्यूज़। जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाए जाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी बी.एन. सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में श्रम विभाग, शिक्षा विभाग, पुलिस प्रशासन, बाल संरक्षण इकाई, समाज कल्याण विभाग, स्वयंसेवी संस्थाओं सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बाल श्रम एक गंभीर सामाजिक अपराध है और इसे किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बाल श्रम उन्मूलन के लिए जनपद स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, जिससे आमजन बाल श्रम के दुष्परिणामों से अवगत हो सकें और इसकी रोकथाम में सहयोग करें।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि स्कूलों, बाजारों, औद्योगिक क्षेत्रों, ईंट-भट्ठों, होटलों, ढाबों तथा अन्य संभावित स्थानों पर नियमित निरीक्षण अभियान चलाए जाएं। यदि कहीं भी बाल श्रम पाया जाता है तो संबंधित नियोक्ता के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर की जाए।
जिलाधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा बाल श्रम उन्मूलन के लिए श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी पंचायत को प्रवर्तन एवं अभियोजन की कार्रवाई हेतु सक्षम अधिकारी नामित किया गया है। इन अधिकारियों द्वारा बाल श्रम पाए जाने की स्थिति में संबंधित दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि बाल श्रम से प्रभावित परिवारों को पात्रता के अनुसार विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए, जिससे आर्थिक मजबूरी के कारण बच्चों को श्रम में न झोंकना पड़े। साथ ही निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए, ताकि वे श्रम विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
कार्यशाला में भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित बाल श्रम उन्मूलन से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने बताया कि श्रम विभाग से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत जन शिकायत पोर्टल अथवा टोल फ्री नंबर 18001805160 पर दर्ज कराई जा सकती है। उन्होंने निर्देश दिए कि इस टोल फ्री नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि आम नागरिक आसानी से बाल श्रम की शिकायत दर्ज करा सकें।
जिलाधिकारी ने श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रम विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी नगर पालिका, नगर पंचायत, तहसील एवं विकास खंड स्तर पर होर्डिंग एवं बैनर के माध्यम से प्रदर्शित की जाए, जिससे अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं से लाभान्वित हो सकें।
उन्होंने कहा कि बाल श्रम के खिलाफ यह अभियान केवल प्रशासन का नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यशाला में उप श्रमायुक्त मिर्जापुर-पिपरी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पंकज कुमार राय, अपर पुलिस अधीक्षक अनिल सिंह, पीडी डीआरडीए एस.के. राय, समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
![]()












