सोनभद्र/एबीएन न्यूज। जनपद में फाइलेरिया उन्मूलन को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पी.के. राय की अध्यक्षता में मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में पत्रकारों को फाइलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए जनजागरूकता में सहयोग की अपील की गई।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद के दो ब्लॉकों—ककराही एवं घोरावल—में 10 फरवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक एमडीए आईडीए अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत घर-घर जाकर दो वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को आयुवर्ग के अनुसार डीईसी, आईवरमेक्टिन एवं एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। गर्भवती महिलाओं, गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों तथा दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को दवा नहीं दी जाएगी।
अभियान को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए कुल 578 टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक टीम में दो सदस्य होंगे, जो सप्ताह में चार दिन—सोमवार, मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार—प्रत्येक दिन लगभग 20 से 25 घरों में जाकर दवा का सेवन सुनिश्चित कराएंगे। इसके अतिरिक्त निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 108 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं, जो प्रत्येक पांच से छह टीमों की मॉनिटरिंग करेंगे।
कार्यक्रम के सुचारू संचालन हेतु दोनों ब्लॉकों में आईईसी सामग्री, दवाएं, चॉक पेन, मार्कर, माप टेप आदि आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं। अभियान का औपचारिक शुभारंभ 10 फरवरी 2026 को प्रातः 11 बजे ब्लॉक ककराही के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर माननीय विधायक श्री अनिल मौर्या तथा ब्लॉक घोरावल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उप जिलाधिकारी द्वारा किया जाएगा। साथ ही दोनों ब्लॉकों के ग्राम प्रधान अपने-अपने गांव में स्वयं दवा का सेवन कर अभियान की शुरुआत करेंगे, जिससे आमजन में विश्वास और जागरूकता बढ़े।
इसी दिन 10 फरवरी 2026 को घोरावल एवं ककराही को छोड़कर शेष सभी ब्लॉकों में आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमि मुक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की कि वे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग करें, ताकि अधिकतम लोगों तक दवा का सेवन सुनिश्चित हो सके और जनपद को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके।
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