लखनऊ/एबीएन न्यूज। संजय सिंह के आह्वान पर आम आदमी पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुए कथित व्यापार समझौते को देश की संप्रभुता, किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों के खिलाफ बताते हुए उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस समझौते को देशहित के विरुद्ध बताते हुए तत्काल निरस्तीकरण की मांग उठाई।
पार्टी के अनुसार ललितपुर, गाजियाबाद, बहराइच, बागपत, जालौन, मुजफ्फरनगर, चंदौली, वाराणसी, आगरा, बदायूं, मैनपुरी, मेरठ, कानपुर, मुरादाबाद, सहारनपुर सहित प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ विरोध दर्ज कराया गया। लखनऊ में स्वास्थ्य भवन चौराहे पर जिलाध्यक्ष इरम रिजवी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हुए और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद प्रशासन ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया। पार्टी ने आरोप लगाया कि आप ऑटो विंग के प्रदेश अध्यक्ष प्रीत पाल सलूजा की पगड़ी उतारे जाने की घटना पूरे सिख समाज का अपमान है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए।
जिलाध्यक्ष इरम रिजवी ने कहा कि नए व्यापार समझौते के तहत भारतीय उत्पादों पर अमेरिका द्वारा 18 प्रतिशत कर लगाए जाने और अमेरिकी कृषि उत्पादों को भारत में कर मुक्त प्रवेश देने की बात सामने आ रही है, जिससे देश के करोड़ों किसानों को नुकसान होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह समझौता भारतीय कृषि बाजार को विदेशी हितों के लिए खोलने, रूस से सस्ता तेल खरीद बंद कराने और व्यापारिक असमानता थोपने की साजिश है।

उन्होंने कहा कि रूस से सस्ता तेल खरीद बंद करने से देश को भारी आर्थिक नुकसान होगा और आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ेगा। उन्होंने सवाल किया कि क्या भारत अब अपने फैसले स्वतंत्र रूप से नहीं ले सकता? क्या देश की संप्रभुता और स्वाभिमान से समझौता किया जा रहा है?
निवर्तमान महासचिव दिनेश पटेल ने कहा कि यदि भारतीय कपड़ा उत्पादों पर 18 प्रतिशत कर और अन्य देशों के उत्पादों पर शून्य प्रतिशत कर लगाया जा रहा है, तो यह भारतीय उद्योगों के साथ अन्याय है। उन्होंने सरकार से इस कथित समझौते की शर्तों को सार्वजनिक करने और संसद में स्पष्ट जवाब देने की मांग की।

आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में मांग की है कि मोदी–ट्रंप व्यापार समझौते को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए, ताकि देश के किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों के हितों की रक्षा हो सके। पार्टी ने प्रशासन की सख्ती को अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि वह देश के स्वाभिमान और आर्थिक संप्रभुता की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।
प्रदर्शन में दिनेश पटेल, प्रीतपाल सिंह सलूजा, फरजाना परवीन, सुरभि, प्रेरणा, रईसा, अभिषेक सिंह, प्रियंका श्रीवास्तव, प्रखर श्रीवास्तव, मनोज मिश्रा, तुषार श्रीवास्तव, ललित बाल्मीकि, अंकित परिहार, पीके बाजपेई, ज्ञान सिंह, बलराम साहनी, फुरकान सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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