बीना/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। बीना परियोजना के उत्खनन टाइम ऑफिस परिसर में मंगलवार को संयुक्त मोर्चा (सीएमएस, आरसीएसएस, एचएमएस, सीटू, एनसीपीएमयू, सीआईआईटीआईईए, बीसीसीईडब्ल्यूए) के बैनर तले एक जन-जागरण सभा का आयोजन किया गया। सभा का मुख्य उद्देश्य आगामी 12 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रीय एकदिवसीय हड़ताल के प्रति कर्मचारियों को जागरूक करना तथा श्रमिक हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करना रहा।
सभा की अध्यक्षता एवं संचालन मनोज शर्मा, अध्यक्ष सीटू ने किया। अपने संबोधन में सीएलयू (सीटू) के सचिव सूरज पाण्डेय ने केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों में किए जा रहे बदलावों का विरोध करते हुए कहा कि पारंपरिक श्रम कानूनों को समाप्त कर लागू की गई चार नई श्रम संहिताएं श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इन बदलावों से मजदूरों की नौकरी की सुरक्षा, वेतन, सामाजिक सुरक्षा और संगठन की स्वतंत्रता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जिससे उनका भविष्य असुरक्षित हो सकता है।
एचएमएस बीना के प्रतिनिधि कृष्ण बिहारी ने हड़ताल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह आंदोलन मजदूरों की एकता और अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक है। उन्होंने कर्मचारियों से एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया। वहीं एनसीपीएमयू के महामंत्री संजीव सिंह ने कहा कि यह हड़ताल केवल एक प्रतीकात्मक विरोध नहीं, बल्कि श्रमिक वर्ग के सम्मान, अधिकार और भविष्य की सुरक्षा के लिए निर्णायक संघर्ष है।
सभा में आरसीएसएस बीना शाखा अध्यक्ष गौकरन यादव, सत्य प्रकाश यादव, विश्वनाथ पनिका, श्यामधर सिंह, ओबीसी संगठन के धीरज कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में यूनियन प्रतिनिधि एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कर्मचारियों ने जोशीले नारों के साथ 12 फरवरी की हड़ताल को सफल बनाने का संकल्प लिया।
सभा के अंत में संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे 12 फरवरी की राष्ट्रीय हड़ताल में बढ़-चढ़कर भागीदारी करें और श्रमिक एकता को मजबूत करते हुए अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित रहें।
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