बीना/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। एनसीएल एवं देशभर में 12 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में बुधवार प्रातः 8 बजे बीना परियोजना के माइनिंग टाइम ऑफिस परिसर में व्यापक जन-जागरण सभा का आयोजन किया गया। यह सभा एनसीएल जोन के सभी प्रमुख श्रम संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में नियमित एवं ठेका श्रमिकों ने सहभागिता की।
सभा की अध्यक्षता संयुक्त श्रम संगठनों के मंच ने की, जबकि संचालन सीएमएस बीना परियोजना सचिव जागेंद्र तिवारी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान श्रमिक नेताओं ने आगामी हड़ताल की पृष्ठभूमि, उद्देश्य एवं उसकी आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
सभा को संबोधित करते हुए ओबीसी वेलफेयर एसोसिएशन के महामंत्री श्री जय बहादुर यादव, कोल लेबर यूनियन (सीटू) के जोनल अध्यक्ष कामरेड बी.एन. सिंह एवं महामंत्री श्री पी.एस. पाण्डे, एचएमएस के महामंत्री श्री अशोक पाण्डे, सीएमएस के महामंत्री श्री अजय यादव, इंटक के महामंत्री श्री लाल पुष्पराज सिंह, सीटिया (सीटू) के जोनल अध्यक्ष श्री प्रकाश पटेल तथा एनसीपीएमयू के जोनल महामंत्री श्री संजीव सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

वक्ताओं ने कहा कि 12 फरवरी की हड़ताल श्रमिक वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान नीतियों के माध्यम से श्रमिकों के वर्षों से अर्जित अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। यदि मजदूर वर्ग एकजुट होकर आवाज नहीं उठाएगा तो श्रमिक-विरोधी और जन-विरोधी नीतियां और अधिक प्रभावी होंगी। नेताओं ने कहा कि यह संघर्ष मजदूरों के सम्मान, रोजगार सुरक्षा और सामाजिक न्याय के लिए है।
सभा में बीना क्षेत्र के आरसीएसएस अध्यक्ष श्री गौकरन यादव, सीएमएस अध्यक्ष श्री धीरेंद्र नाथ यादव, कोल लेबर यूनियन अध्यक्ष श्री सूरज पाण्डेय, श्री भगवान दास, श्री विश्वनाथ पनिका, एचएमएस से श्री कृष्ण बिहारी गुप्ता, सीटिया (सीटू) अध्यक्ष श्री मनोज कुमार शर्मा एवं सचिव श्री सत्य प्रकाश, आरसीएसएस से श्री चेतन शर्मा तथा ओबीसी वेलफेयर एसोसिएशन से श्री धीरज कुशवाहा सहित अनेक पदाधिकारी एवं श्रमिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान जोशीले नारों के साथ श्रमिकों में जागरूकता का संदेश दिया गया। सभी संगठनों ने एक स्वर में 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल को पूर्ण रूप से सफल बनाने का संकल्प दोहराया। अंत में संयुक्त श्रम संगठनों ने अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में श्रमिक साथी हड़ताल में भाग लेकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित करें और अपने अधिकारों की रक्षा हेतु संगठित संघर्ष को मजबूत करें।
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