लखनऊ/एबीएन न्यूज। भारतीय रेल के लखनऊ मंडल ने यात्री सुविधा को नई दिशा देते हुए गोरखपुर जंक्शन पर ट्रेन स्थिति प्रदर्शन प्रणाली का सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण किया है। मंडल द्वारा विकसित ‘इन-हाउस वेब एप्लिकेशन’ को बिना किसी अतिरिक्त व्यय के तैयार किया गया है, जो नवाचार और संसाधनों के कुशल उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है।
इस पहल के अंतर्गत पूछताछ काउंटर पर मैन्युअल रूप से अपडेट किए जाने वाले पारंपरिक व्हाइटबोर्ड के स्थान पर रियल-टाइम डिजिटल इंटरफेस स्थापित किया गया है। अब यात्रियों को अगले चार घंटों में गोरखपुर से प्रस्थान करने वाली सभी ट्रेनों की लाइव स्थिति एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो रही है। ट्रेनों को दिशा-वार प्रदर्शित किया गया है, जिससे दैनिक और अनारक्षित यात्रियों को जानकारी समझने में विशेष सुविधा मिल रही है।
डायवर्ट, रेगुलेट और निरस्त ट्रेनों को विशेष रूप से हाइलाइट किया गया है, ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति का सामना न करना पड़े। स्टेशन पर लगाए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर यात्री सीधे वेबपेज तक पहुंच सकते हैं। इस वेबपेज में ऑटो-रिफ्रेश और ऑटो-स्क्रोल की सुविधा उपलब्ध है, जिससे रियल-टाइम अपडेट स्वतः प्राप्त होते रहते हैं। निर्धारित यूआरएल के माध्यम से इसे मोबाइल फोन सहित किसी भी डिवाइस पर एक्सेस किया जा सकता है।
इस डिजिटल व्यवस्था से यात्रियों को पूछताछ काउंटर पर जाने की आवश्यकता नहीं रहती, जिससे समय की बचत होती है और भीड़भाड़ में कमी आती है। दैनिक यात्री अपनी दिशा की अगली उपलब्ध ट्रेन की त्वरित जानकारी प्राप्त कर अपनी यात्रा की बेहतर योजना बना सकते हैं।
प्रणाली में मंडल मुख्यालय स्तर पर रेलकर्मी नई ट्रेनों की प्रविष्टि, डायवर्ट अथवा निरस्त ट्रेनों की जानकारी और संभावित प्रस्थान समय को अद्यतन कर सकते हैं। वहीं, स्टेशन के पूछताछ कर्मचारी आवश्यकता अनुसार प्लेटफॉर्म संख्या और प्रस्थान विवरण अपडेट कर सकते हैं। सॉफ्टवेयर का विकास पूरी तरह इन-हाउस कर निजी डोमेन पर होस्ट किया गया है, जो मंडल की किफायती एवं नवोन्मेषी सोच को दर्शाता है।
त्योहारों और बड़े आयोजनों, जैसे कुंभ मेला, के दौरान जब यात्रियों की संख्या अत्यधिक बढ़ जाती है, तब यह प्रणाली और भी अधिक उपयोगी साबित होती है। रियल-टाइम डिजिटल सूचना प्रसारण से भीड़ प्रबंधन में सहायता मिलती है, पूछताछ काउंटरों पर दबाव कम होता है तथा भ्रामक जानकारी की संभावना न्यूनतम होती है। यात्री स्वयं अद्यतन जानकारी प्राप्त कर सुव्यवस्थित निर्णय ले सकते हैं, जिससे स्टेशन पर यात्री प्रवाह सुचारू रहता है।
मंडल रेल प्रबंधक लखनऊ श्री गौरव अग्रवाल के मार्गदर्शन और महत्वपूर्ण सुझावों से यह सॉफ्टवेयर परिकल्पित किया गया, जबकि वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक श्री प्रसन्न कात्यायन द्वारा इसे पूर्ण रूप से बिना किसी लागत के विकसित किया गया।
यह पहल न केवल यात्री सुविधा को सुदृढ़ करती है, बल्कि स्टेशन पर सूचना प्रसारण प्रणाली के आधुनिकीकरण के साथ मंडल स्तर से दूरस्थ निगरानी की सुविधा भी सुनिश्चित करती है। गोरखपुर जंक्शन पर इस डिजिटल सेवा का शुभारंभ कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को पारदर्शी, त्वरित और सटीक ट्रेन सूचना उपलब्ध हो रही है।
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