खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश के मामले में आरोपी निखिल गुप्ता ने कथित तौर पर अपना जुर्म कबूल कर लिया है। गुप्ता ने मैनहट्टन की संघीय अदालत में तीन आरोपों को स्वीकार किया। इनमें पैसे लेकर हत्या करवाने की साजिश और धनशोधन के आरोप शामिल हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
चेक गणराज्य में हुई थी निखिल गुप्ता की गिरफ्तारी
रिपोर्ट के मुताबिक, अगर अदालत उन्हें दोषी मानती है, तो उन्हें अधिकतम 40 साल की कैद हो सकती है। उन्होंने जज सारा नेटबर्न के सामने यह कबूलनामा दिया। निखिल गुप्ता (54 वर्षीय) को जून 2024 में चेक गणराज्य से अमेरिका लाया गया था। गुप्ता को चेक गणराज्य में 2023 में गिरफ्तार किया गया था। अमेरिका लाए जाने से पहले उन्होंने खुद को निर्दोष बताया था। अब उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
मामले को लेकर भारत का क्या कहना है?
अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि अमेरिका और कनाडा में खालिस्तानियों को निशाना बनाने की कथित साजिश से भारत और अमेरिका के संबंधों पर असर पड़ा है। भारत ने इन आरोपों से इनकार किया है। भारत सरकार का स्पष्ट कहना है कि इस साजिश से उसका कोई लेना-देना नहीं है। सरकार ने कहा कि ऐसी गतिविधि उसकी नीति के खिलाफ है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह साजिश मई 2023 में शुरू हुई थी। इसमें एक भारतीय सरकारी कर्मचारी के शामिल होने का भी आरोप है।
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कौन है गुरपतवंत सिंह पन्नू?
- गुरपतवंत सिंह पन्नू न्यूयॉर्क में रहता है और वकील के रूप में काम करता है।
- पन्नू प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) का संचालन करता है।
- भारत सरकार ने पन्नू को आतंकवादी घोषित किया हुआ है। उस पर हिंसा के लिए फंडिंग करने और चरमपंथी विचार फैलाने के आरोप हैं।
- पन्नू का जन्म अमृतसर के पास खानकोट गांव में हुआ था। बताया जाता है कि उसने पंजाब विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की।
- पन्नू कई बार भारत और भारतीय को खुलेआम धमकी देने के लेकर चर्चाओं में रहता है।
- उसने एक बार कहा था कि एअर इंडिया की उड़ान में सफल करने वालों को खतरा हो सकता है।












