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सनी लियोनी ने अपनी अगली फिल्म ‘कैनेडी’ को लेकर अपने डर और अनुभवों को बयां किया है. उन्होंने बताया कि अनुराग कश्यप जैसे बड़े निर्देशक के साथ काम करने का मौका मिलने पर उन्हें शूटिंग के पहले दिन तक रिप्लेस होने का डर सता रहा था. सनी लियोनी तब काफी असुरक्षित महसूस कर रही थीं.
नई दिल्ली: सनी लियोनी फिल्म ‘कैनेडी’ में ‘चार्ली’ नाम का एक जटिल किरदार निभा रही हैं. उन्होंने फिल्म पर बात करने के अलावा अपने डर पर भी खुलकर बात की. उन्होंने एक एक इमोशनल सीन का जिक्र किया, जहां उन्हें अंदर से दुखी होने के बावजूद चेहरे पर नकली मुस्कान लानी थी, जिसे वे आम जिंदगी के स्ट्रगल से जोड़कर देखती हैं.

सनी लियोनी ने बताया कि जब उन्हें अनुराग कश्यप की फिल्म ‘कैनेडी’ का ऑफर मिला, तो उन्हें अपनी किस्मत पर भरोसा ही नहीं हो रहा था. (फोटो साभार: IMDb)

सनी के दिल में फिल्म की शूटिंग के आखिरी दिन तक यह डर बैठा था कि कहीं उन्हें इस प्रोजेक्ट से निकाल कर किसी दूसरी एक्ट्रेस को न ले लिया जाए.(फोटो साभार: IMDb)
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सनी लियोनी ने कहा कि एंटरटेनमेंट की दुनिया में चीजें बहुत जल्दी बदलती हैं. कई बार सब कुछ फाइनल होने के बाद भी कलाकारों को अचानक बदल दिया जाता है. (फोटो साभार: IMDb)

सनी को सुकून तब मिला, जब उन्होंने सेट पर जाकर कैमरे के सामने अपना पहला शॉट दिया. उन्हें लगा कि अब शायद उन्हें नहीं बदला जाएगा. (फोटो साभार: IMDb)

‘कैनेडी’ को कान फिल्म फेस्टिवल (Cannes) सहित कई बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खूब सराहना मिल चुकी है. फिल्म में सनी ‘चार्ली’ नाम की एक लड़की का रोल प्ले कर रही हैं, जो इमोशनल लेवल पर काफी उलझी हुई और डरी हुई है. (फोटो साभार: IMDb)

सनी लियोनी ने एक सीन का जिक्र करते हुए बताया कि होटल के कमरे में अंदर से टूटे होने के बावजूद चेहरे पर ‘नकली मुस्कान’ लाना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती थी.(फोटो साभार: IMDb)

सनी का मानना है कि हम सब कभी न कभी ऐसे दौर से गुजरते हैं, जब अंदर से दुखी होने के बाद भी हमें दुनिया के सामने मुस्कुराना पड़ता है और यही बात उनके किरदार को खास बनाती है.<br />(फोटो साभार: IMDb)
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