होली का त्यौहार करीब आते ही फिजाओं में रंगों के साथ-साथ संगीत की भी गूंज सुनाई देने लगती है भारतीय हिंदी सिनेमा ने होली पर कई बेहतरीन गाने दिए हैं, जिनमे कुछ गाने ऐसे होते है जो दिल को छू जाते है और थिरकने पर मजबूर कर देते है.इसके बजते ही आज भी हर पीढ़ी के लोग जोश से भर जाते हैं और नाचने पर मजबूर हो जाते हैं हम बात कर रहे हैं फिल्म साल 1982 की सुपरहिट फिल्म ‘नदिया के पार’ के उस ऐतिहासिक गीत की- “जोगी जी धीरे धीरे, जोगी जी वाह!” यह गाना सादगी और लोक-संस्कृति का अनूठा संगम भी है यह केवल एक फिल्मी गीत नहीं है,बल्कि उत्तर भारत की ग्रामीण संस्कृति और लोक-संगीत की आत्मा भी है.
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