ब्रिटिश शाही परिवार से गिरफ्तार होने वाले पहले शख्स एंड्रयू माउंटबेटन को करीब 11 घंट की गिरफ्तारी के बाद रिहा कर दिया गया है। ब्रिटेन पुलिस का कहना है कि पूर्व राजकुमार एंड्रयू को जांच के तहत रिहा कर दिया गया है। सार्वजनिक पद पर दुर्व्यवहार के संदेह में गिरफ्तारी के करीब 11 घंटे बाद एंड्रयू को रिहा कर दिया। लगभग चार शताब्दियों में यह पहली बार था कि किसी वरिष्ठ ब्रिटिश शाही सदस्य को गिरफ्तार किया गया।
थेम्स वैली पुलिस ने शाही सैंड्रिंघम एस्टेट के संदर्भ में कहा, ‘हम इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि नॉरफॉक में हमारी तलाशी अब समाप्त हो गई है।’ जबकि बर्कशायर में तलाशी अभी जारी है। पुलिस ने इस मामले में आगे कोई बयान या प्रेस कॉन्फ्रेंस न करने की बात कही है। दरअसल, एंड्रयू को जेफरी एपस्टीन के सहयोगी के रूप में वर्षों से जाना जाता था, लेकिन हाल ही में जारी की गई जानकारी में उनका नाम अधिक प्रमुखता से सामने आया है।
फिलहाल कोई औपचारिक आरोप तय नहीं
ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति प्रिंस एंड्रयू (एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर) हैं, जो किंग चार्ल्स तृतीय के भाई और दिवंगत महारानी क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय के पुत्र हैं। बता दें कि एंड्रयू को गुरुवार सुबह करीब 8 बजे स्थानीय समय पर गिरफ्तार किया गया था और बाद में उन्हें नॉरफॉक के एल्शम पुलिस स्टेशन से जाते हुए देखा गया। पुलिस के मुताबिक, उन्हें जांच के तहत रिहा किया गया है, जिसका मतलब है कि फिलहाल उन पर कोई औपचारिक आरोप तय नहीं हुए हैं।
एपस्टीन के साथ रिश्तों को लेकर विवादों में एंड्रयू
पूर्व प्रिंस एंड्रयू का नाम लंबे समय से दिवंगत दोषी यौन अपराधी और फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन के साथ रिश्तों को लेकर विवादों में रहा है। हालांकि, एंड्रयू लगातार किसी भी तरह के गलत काम से इनकार करते रहे हैं। वहीं इससे पहले शाही परिवार की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए किंग चार्ल्स ने कहा कि वे जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेंगे, लेकिन फिलहाल इस पर और टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
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ईमेल रिकॉर्ड से बढ़ा संदेह
जांच के दायरे में वे ईमेल भी शामिल हैं जो अमेरिका में जारी दस्तावेजों का हिस्सा हैं। इन ईमेल से संकेत मिलता है कि एंड्रयू ने आधिकारिक व्यापार यात्राओं से जुड़ी रिपोर्टें एपस्टीन को भेजीं। एक रिपोर्ट नवंबर 2010 की बताई गई है, जिसे उनके तत्कालीन भारतीय मूल के विशेष सहायक अमित पटेल ने तैयार किया था। इन दस्तावेजों के सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है।
जेफरी और एड्रयू के संबंध
2010 में जेफरी एपस्टीन को एक मौके पर प्रिंस एंड्रयू के साथ भी देखा गया था। बाद में एक इंटरव्यू में एंड्रयू ने दावा किया था कि वे सिर्फ एपस्टीन से अपनी दोस्ती तोड़ने गए थे। उन्होंने कहा था कि उन्हें एक यौन उत्पीड़न के दोषी के साथ दोस्ती रखने और कई मौकों पर उसके घर पर रुकने का भी खेद है। हालांकि, बाद में एपस्टीन के जो ईमेल और दस्तावेज सार्वजनिक हुए, उनमें सामने आया कि प्रिंस एंड्रयू आगे भी एपस्टीन के संपर्क में रहे।
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एपस्टीन पर आरोप लगाने वाली एक महिला वर्जीनिया गिफर ने आरोप लगाया था कि एपस्टीन ने 2000 के दशक की शुरुआत में उन्हें एंड्रयू के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया था। एंड्रयू ने इन आरोपों से साफ इनकार किया था और कहा था कि उन्हें लंदन में गिफर से मिलने या तस्वीर खिंचाने की बात याद नहीं है। हालांकि, 2022 में एंड्रयू ने गिफर को अपने खिलाफ दायर यौन उत्पीड़न के मामले को खत्म करने के लिए करोड़ों की राशि चुकाई थी। एंड्रयू को लेकर बाद में और भी खुलासे हुए। 2025 में एंड्रयू से उनका शाही पद और प्रिंस शीर्षक छीन लिया गया।
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