पूर्व ब्रिटिश प्रिंस एंड्रयूज माउंटबेटन-विंडसर की गिरफ्तारी पर उनके बड़े भाई ब्रिटेन के राजा चार्ल्स-III ने पहली प्रतिक्रिया दी है. उन्होने कहा, कानून को अपना काम करना चाहिए. एंड्रयूज की गिरफ्तारी उनके सार्वजनिक पद का दुरुपयोग करने और यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से उनके संबंधों को लेकर बढ़ते दबाव के बीच हुई है. उन्होंने इसको लेकर गहरी चिंता जताई है. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जांच करने वाले अधिकारी निष्पक्षता और नियमों के तहत इसे पूरा करेंगे.
किंग चार्ल्स ने एंड्रयूज माउंटबेटन की गिरफ्तारी को लेकर बयान देते हुए कहा, ‘मुझे एंड्रयूज और उनके पद पर भ्रष्टाचार के संदेह से जुड़ी खबर सुनकर गहरी चिंता हुई है. मामले में संबंधित अधिकारी जांच को निष्पक्षता और प्रक्रिया के साथ पूरा करेंगे.’
बयान में आगे कहा गया है, ‘मैं पहले ही साफ कर चुका हूं कि उनको हमारा पूरा समर्थन और सहयोग रहेगा. मैं स्पष्ट करता हूं कि कानून को अपना काम सही तरीके से करना होगा.’ चार्ल्स-III ने कहा, जांच जारी रहने के चलते इस पर ज्यादा कुछ कहना उचित नहीं होगा.
Statement from King Charles III of the United Kingdom | “I have learned with the deepest concern the news about Andrew Mountbatten-Windsor and suspicion of misconduct in public office. What now follows is the full, fair and proper process by which this issue is investigated in… https://t.co/FbbqEERQ0k pic.twitter.com/eTVImaVqi1
— ANI (@ANI) February 19, 2026
ब्रिटिश पीएम ने भी दी थी प्रतिक्रिया
बीबीसी से बातचीत में ब्रिटिश पीएम कीर स्टारमर ने कहा, ‘एंड्यूज को खुद से यूके पुलिस से बात करनी चाहिए. यह पुलिस का मामला है. वह अपनी जांच करेंगे लेकिन हमारे सिस्टम का एक सिद्धांत साफ है कि कानून सभी के लिए बराबर है और कोई भी इससे ऊपर नहीं हो सकता है. इस मामले में भी यह उसी तरह से लागू होना चाहिए जैसे अन्य केस में होता है.’
थेम्स वैली पुलिस ने किया था गिरफ्तार
एंड्रयूज माउंटबेटन-विंडसर को थेम्स वैली पुलिस ने पूर्वी इंग्लैंड के नॉरफ़ॉक में सैंड्रिंघम एस्टेट में उनके घर से गिरफ्तार किया था. वह अपना 66वां जन्मदिन मना रहे थे. उनको यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से कथित संबंध के आरोपों के कारण प्रिंस की उपाधि को भी वापस ले लिया था. उनको अपना रॉयल लॉज भी खाली करना पड़ा था. इसके बाद कहा गया कि अब उनको केवल एंड्रयूज माउंटबेटन विंडसर के नाम से ही जाना जाएगा.











