जालंधर मूल की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल की कनाडा के विंडसर शहर में हत्या कर दी गई है। नैन्सी डेरा ब्यास के मुखी बाबा गुरिंदर ढिल्लों और खालिस्तानी गतिविधियों की सोशल मीडिया पर खुलकर आलोचना करती थीं।
अज्ञात हमलावर ने उनके घर में घुसकर चाकू से हमला किया। गंभीर रूप से घायल नैन्सी को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद भारतीय समुदाय में भी सनसनी फैल गई है। कनाडा पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कनाडाई मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक मंगलवार रात पुलिस को सूचना मिली कि विंडसर के टॉड लेन इलाके में रहने वाली नैन्सी ग्रेवाल पर उनके घर के भीतर चाकू से हमला किया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस और एसेक्स-विंडसर आपातकालीन चिकित्सा सेवा के सदस्य रात करीब साढ़े नौ बजे टॉड लेन के 2400 ब्लॉक में पहुंचे। मौके पर पहुंची टीम ने गंभीर रूप से घायल नैन्सी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया।
बुधवार शाम को कनाडा पुलिस के अधिकारी माइकल पियर्स ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह एक गंभीर आपराधिक मामला है और पुलिस हर पहलू से इसकी जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां हमलावरों की पहचान के लिए लगातार काम कर रही हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
घटना के बाद पुलिस ने टॉड लेन पर कनाडा स्ट्रीट और बिशप स्ट्रीट के बीच के इलाके को घेराबंदी कर सील कर दिया। जिस घर में यह वारदात हुई, वहां मुख्य दरवाजे तक जाने वाली सीढ़ियों और रास्ते पर मिले सबूतों को चिन्हित कर जांच की जा रही है। इसके अलावा घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर टॉड लेन पर ही एक जंगली इलाके के आसपास भी पुलिस ने पीली टेप लगाकर एरिया को बंद कर दिया है। बताया जा रहा है कि यहां हर्ब ग्रे पार्कवे के पास पैदल चलने वाले रास्तों का प्रवेश द्वार है और पुलिस इस क्षेत्र को भी जांच के दायरे में लेकर संभावित सबूत जुटा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना की कड़ियों को जोड़ने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जांच टीम ने लोगों से भी अपील की है कि अगर किसी के पास इस घटना से जुड़ी कोई जानकारी या सुरक्षा कैमरों की फुटेज हो तो वह तुरंत पुलिस से संपर्क करे, ताकि आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सके।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में जानी जाती थीं नैन्सी
नैन्सी ग्रेवाल जालंधर की रहने वाली थीं और पिछले कुछ समय से कनाडा में रहकर सोशल मीडिया के जरिए सक्रिय थीं। वह एक यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में जानी जाती थीं और कई राजनीतिक व सामाजिक मुद्दों पर तीखे और बेबाक अंदाज में अपनी राय रखती थीं। बताया जा रहा है कि वह खालिस्तान समर्थक गतिविधियों की लगातार आलोचना करती थीं और इस विषय पर कई वीडियो और टिप्पणियां सोशल मीडिया पर साझा कर चुकी थीं।
इसके अलावा डेरा ब्यास के मुखी बाबा गुरिंदर ढिल्लों के खिलाफ भी उन्होंने कई बार सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणियां की थीं, जिसके कारण वह अक्सर चर्चा में रहती थीं। हालांकि अभी तक पुलिस ने हत्या के पीछे की वजह को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
नैन्सी ग्रेवाल की हत्या के बाद कनाडा में बसे भारतीय समुदाय और पंजाब के लोगों में भी इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और जल्द ही इस हत्याकांड के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।











