लखनऊ/एबीएन न्यूज। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल का क्षेत्र लंबे समय से हिन्दी फिल्म जगत के लिए एक पसंदीदा शूटिंग स्थल रहा है। लखनऊ परिक्षेत्र में स्थित मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर समय-समय पर फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग होती रही है। इसी क्रम में अब यात्रियों के मनोरंजन और जानकारी के लिए लखनऊ जंक्शन स्टेशन के कॉनकोर्स एरिया में एक एलईडी स्क्रीन स्थापित की गई है। इस स्क्रीन पर रेलवे परिसर अथवा ट्रेनों में शूट की गई फिल्मों और वेब सीरीज के क्लिप प्रदर्शित किए जा रहे हैं।
लखनऊ मंडल की इस नई पहल से स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों को मनोरंजन के साथ-साथ यह भी जानकारी मिल रही है कि किन-किन फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग रेलवे के विभिन्न स्टेशनों पर की गई है। इससे यात्रियों, खासकर युवाओं और फिल्म प्रेमियों में उत्साह देखा जा रहा है।
लखनऊ मंडल के कई रेलवे स्टेशन फिल्म निर्माताओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहे हैं। लखनऊ सिटी स्टेशन पर बरेली की बर्फी (2017), जबरिया जोड़ी (2019), छोटे नवाब (2020), 14 फेरे (2021), निकम्मा (2022), ब्रीथ: इनटू द शैडो सीजन-2 (2022), इंस्पेक्टर अविनाश (2023), कंजूस मक्खीचूस (2023), द उमेश क्रॉनिकल्स (2024), कंट्रोल (2025) और सिंगल सलमा (2025) जैसी फिल्मों व वेब सीरीज की शूटिंग की जा चुकी है।
इसी प्रकार लखनऊ जंक्शन स्टेशन पर पति पत्नी और वो (2019) और 14 फेरे (2021) फिल्म की शूटिंग की गई थी। वहीं ऐशबाग कोचिंग डिपो में फैमिली ऑफ ठाकुरगंज (2019), माई (2022), भैया जी (2024) और एक चतुर नार (2025) जैसी फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है।
इसके अलावा ऐशबाग स्टेशन पर मिशन मजनू (2023) तथा मोहिबुल्लापुर स्टेशन पर दिया (2022) फिल्म और वेब सीरीज की शूटिंग की गई है। इन फिल्मों में कई चर्चित कलाकारों ने अभिनय किया है, जिनकी वजह से ये स्थान फिल्म जगत में खास पहचान बना चुके हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को रेलवे की फिल्मी विरासत से परिचित कराना और स्टेशन परिसर को और अधिक आकर्षक बनाना है। एलईडी स्क्रीन पर प्रदर्शित हो रहे इन क्लिप्स को देखकर यात्रियों को यह जानने का अवसर मिल रहा है कि जिन स्टेशनों से वे रोज गुजरते हैं, वे कई लोकप्रिय फिल्मों और वेब सीरीज का हिस्सा रह चुके हैं।
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