लखनऊ / एबीएन न्यूज। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भारतीय रेल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनकी सशक्त भूमिका को रेखांकित करते हुए पूर्वोत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल द्वारा गोरखपुर जंक्शन पर कई विशेष पहल की गईं। इस अवसर पर मेमू सवारी गाड़ी संख्या 65115 भटनी–अयोध्या धाम का संचालन पूर्णतः महिला रेलकर्मियों की टीम द्वारा सफलतापूर्वक किया गया। इस ऐतिहासिक पहल ने न केवल महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया, बल्कि यह भी दिखाया कि रेलवे के विभिन्न तकनीकी और परिचालन क्षेत्रों में महिलाएं दक्षता के साथ महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं।
इस विशेष ट्रेन के संचालन में सहायक लोको पायलट के रूप में प्रियंका शर्मा और निधि गौतम ने जिम्मेदारी संभाली, जबकि ट्रेन मैनेजर के रूप में जागृति त्रिपाठी ने अपनी भूमिका निभाई। वहीं सीटीटीआई के रूप में मुक्ता प्रभा बारला, टीटीआई के रूप में नीना सिएल तथा आरपीएफ की ओर से कांस्टेबल नेहा यादव ने सुरक्षा और प्रबंधन की जिम्मेदारी निभाते हुए पूरे संचालन को सफल बनाया। इसके साथ ही गोरखपुर जंक्शन के इलेक्ट्रॉनिक पैनल से ट्रेनों के परिचालन का कार्य भी महिला कर्मचारियों द्वारा संचालित किया गया।
रेलवे स्टेशन पर टिकटिंग सेवाओं में भी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। गोरखपुर जंक्शन के मुख्य बुकिंग कार्यालय, प्लेटफॉर्म संख्या 01 के कैब-वे बुकिंग काउंटर तथा प्लेटफॉर्म संख्या 09 के बुकिंग कार्यालय में यूटीएस प्रणाली के माध्यम से टिकट वितरण का कार्य भी महिला कर्मचारियों द्वारा ही किया गया।

महिला यात्रियों की सुविधा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण पहल भी की गई। अंकुर उद्योग लिमिटेड द्वारा अपने कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के अंतर्गत उपलब्ध कराई गई चार सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनों को क्रियाशील किया गया। इनमें से तीन मशीनें गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर स्थापित की गई हैं, जिनमें दो महिला प्रतीक्षालय में और एक एसी प्रतीक्षालय के महिला शौचालय में लगाई गई है। इसके अतिरिक्त एक मशीन खलीलाबाद रेलवे स्टेशन के महिला शौचालय में स्थापित की गई है। इन मशीनों में केवल 5 रुपये का सिक्का डालकर सैनिटरी पैड प्राप्त किया जा सकेगा, जिससे महिला यात्रियों को स्वच्छता और सुविधा सुनिश्चित होगी।
गोरखपुर रेलवे स्टेशन की लॉन्ड्री यूनिट भी महिला सशक्तिकरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। इस यूनिट का संचालन पूरी तरह महिला कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है। यहां कार्यरत महिलाएं ट्रेनों से लिनेन उतारने से लेकर उनकी छंटाई, वॉशिंग मशीन और एक्सट्रैक्टर का संचालन, फीडिंग और फोल्डिंग, साफ किए गए वस्त्रों की पैकिंग तथा डिस्पैच की पूरी प्रक्रिया को कुशलता के साथ संचालित करती हैं।
इसके अतिरिक्त महिलाएं ड्राई-क्लीनिंग मशीनों का संचालन, कंबलों की धुलाई, ड्रायर का संचालन तथा चादरों को कैलेंडर मशीन में फीड कर उन्हें उचित फिनिशिंग देने का कार्य भी करती हैं। साफ किए गए लिनेन को पैकेट में तैयार कर समय पर ट्रेनों में पुनः लोड किया जाता है, जिससे रेलवे की स्वच्छता और सेवा गुणवत्ता के उच्च मानकों को बनाए रखा जा सके।

इसी क्रम में रेलवे के तकनीकी क्षेत्रों में भी महिलाओं की सक्रिय भूमिका देखने को मिल रही है। रोलिंग प्वाइंट पर रोलिंग इन और आउट का परीक्षण, सिक लाइन में ट्रेन के डिब्बों का मेंटिनेंस कार्य तथा बायो-टॉयलेट सैंपल टेस्टिंग लैब का संचालन भी महिला कर्मचारियों द्वारा ही किया जा रहा है। यह रेलवे के तकनीकी और संचालन क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनकी क्षमता का सशक्त प्रमाण है।
इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल ने सभी महिला कर्मचारियों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके समर्पण, दक्षता और उत्कृष्ट कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी न केवल कार्यस्थल की कार्यक्षमता को बढ़ा रही है, बल्कि यह समाज में महिला सशक्तिकरण का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महिला कर्मचारी भविष्य में भी इसी उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ रेल सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देती रहेंगी।
उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2025 से लखनऊ सिटी रेलवे स्टेशन को पूर्ण रूप से महिला कर्मचारियों द्वारा संचालित किया जा रहा है। यह उत्तर भारत का एकमात्र ऐसा स्टेशन है, जहां ट्रेन परिचालन, स्टेशन प्रबंधन, आरक्षण, टिकट बुकिंग एवं परीक्षण, सिग्नलिंग तथा सुरक्षा सहित सभी कार्य चौबीसों घंटे महिला कर्मचारियों द्वारा सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं। यह पहल भारतीय रेल में महिला सशक्तिकरण का एक अनूठा और प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरी है।
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