पश्चिम एशिया में जारी युद्ध लगातार तेज हो रहा है। इस बीच ईरान ने संकेत दिए हैं कि उन्होंने अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुन लिया है। रायटर्स ने अपनी रिपोर्ट में ये दावा किया है। रिपोर्ट में ईरान के एक वरिष्ठ धर्मगुरु के हवाले से बताया गया है कि मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाए जाने की संभावना है। हालांकि औपचारिक घोषणा होना अभी बाकी है।
ट्रंप ने मोजतबा को नया सुप्रीम लीडर बनाए जाने की चर्चाओं पर क्या कहा
रॉयटर्स के अनुसार, विशेषज्ञों की सभा के सदस्य अयातुल्ला हुसैन अली एशकेवारी ने ये दावा किया है। एशकेवारी ईरान की 88 सदस्यों वाली विशेषज्ञों की सभा के सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि नए सुप्रीम लीडर को लेकर मतदान हो चुका है और परिणाम जल्द घोषित किए जाएंगे। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता के चयन में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने की इच्छा जाहिर की है। ट्रंप ने मोजतबा की संभावित उम्मीदवार के रूप में आलोचना की थी और मोजतबा खामेनेई को अस्वीकार्य बताया था। ट्रंप ने कहा कि वे ऐसे नेता को प्राथमिकता देंगे, जो ईरान में शांति, सद्भाव लाए।
गौरतलब है कि मोजतबा खामेनेई के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर से अच्छे संबंध हैं। बीती 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त सैन्य हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौत हो गई थी। जिसके बाद तेहरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम एशिया के कई देशों पर हमले किए हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव में अब तक 1300 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।
इस्राइल ने दक्षिणी लेबनान, बेरूत और तेहरान में हवाई हमले किए। तेहरान में हुए हमलों में तेल भंडारण सुविधा को निशाना बनाया गया। इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने चेतावनी दी है कि युद्ध के अगले चरण में कई बड़े और चौंकाने वाले कदम उठाए जाएंगे।
नागरिक बुनियादी ढांचों पर हमले शुरू
- दूसरी ओर ईरान ने बहरीन के एक समुद्री जल को पीने योग्य बनाने वाले संयंत्र (डिसेलिनेशन प्लांट) को निशाना बनाया। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दावा किया कि अमेरिका के हवाई हमले से केश्म द्वीप पर स्थित ईरानी डिसेलिनेशन प्लांट को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बुनियादी ढांचे पर हमला करने की परंपरा अमेरिका ने शुरू की है, ईरान ने नहीं। खाड़ी क्षेत्र के रेगिस्तानी देशों में पीने के पानी के लिए ऐसे संयंत्र बेहद अहम माने जाते हैं।
- तेहरान में तेल भंडारण केंद्र पर इस्राइली हमले के बाद आसमान में आग की ऊंची लपटें उठती देखी गईं। वीडियो फुटेज में शनिवार रात शहर के आसमान में तेज चमक दिखाई दी। माना जा रहा है कि इस युद्ध के दौरान पहली बार किसी नागरिक औद्योगिक प्रतिष्ठान को निशाना बनाया गया है।
- लगातार हो रहे हमलों से वैश्विक बाजारों में भी अस्थिरता देखी जा रही है, हवाई यातायात प्रभावित हुआ है और सैकड़ों इस्राइली व अमेरिकी हमलों के कारण ईरान की नेतृत्व व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।
‘युद्ध लंबा चलेगा, तैयार रहें’
इस्राइल के सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जामीर ने नागरिकों से लंबे युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा है। उन्होंने कहा, ‘इस्राइल पिछले दो वर्षों से लगातार आपात स्थिति में है। इस समय हमें सबसे ज्यादा धैर्य और दृढ़ता की जरूरत है। यह संघर्ष लंबा चल सकता है, इसलिए सभी को इसके लिए तैयार रहना चाहिए।’
बेरूत के होटल पर हमले में ईरान से जुड़े 5 कमांडर मारे गए: इस्राइल
इस्राइली सेना ने पुष्टि की है कि उनकी नौसेना द्वारा रात में किए गए हमले में बेरूत के एक होटल में छिपे ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के पांच वरिष्ठ कमांडर मारे गए। सेना के अनुसार ये सभी कमांडर कुद्स फोर्स के लेबनान और फिलिस्तीन विंग से जुड़े थे और हिज्बुल्लाह तथा हमास को धन, हथियार और खुफिया जानकारी उपलब्ध कराने में शामिल थे।












