पश्चिम एशिया युद्ध की तपिश से भारतीय निर्यात झुलसने लगा है। मुरादाबाद का पीतल हस्तशिल्प ही नहीं, चावल निर्यात भी बुरी तरह प्रभावित है। मुरादाबाद के अलावा नजदीकी जिलों और पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बड़ी मात्रा में चावल विदेशों में निर्यात किया जाता है।
युद्ध से प्रभावित देशों में भारतीय चावल और मुरादाबाद-संभल के हस्तशिल्प उत्पादों की खासी मांग रहती है। जानकार बताते हैं कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माहौल प्रभावित होने से अब तक देश का करीब दो हजार करोड़ रुपये का निर्यात प्रभावित हो चुका है।
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