ओडिशा में सोमवार को राज्यसभा चुनाव की नामांकन वापसी की आखिरी तारीख शांतिपूर्ण रही, क्योंकि किसी भी उम्मीदवार ने नाम वापस नहीं लिया। इस वजह से 4 सीटों के लिए 5 उम्मीदवार सीधे मुकाबले में हैं। ओडिशा में 12 साल बाद यह पहली बार है जब राज्य की विधानसभा में इसके लिए वोटिंग होगी। मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और मतगणना उसी दिन शाम 5 बजे। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद 20 मार्च तक है, जिससे राजनीतिक पटल पर बहस और सियासी रणनीतियों की भूमिका अहम बनेगी।
ओडिशा में राज्यसभा के लिए चार सीटों के लिए होने वाली वोटिंग के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में है। भाजपा की ओर से मनमोहन समाल और सुजीत कुमार, बीडेडी की ओर से संत्रुप्त मिश्रा और यूरोलॉजिस्ट दत्तेश्वर होटा और स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर दिलीप रे अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं।
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क्या है अब तक की स्थिति?
बता दें कि ओडिशा विधानसभा में कुल 147 सदस्य हैं। वर्तमान संख्या के हिसाब से भाजपा के पास 79 विधायक और 3 स्वतंत्र समर्थक है, जिसके बाद पार्टी की दो सीट लगभग पक्की मानी जा रही है। वहीं बात अगर बीजेडी की करें तो पार्टी के पास 48 विधायक है, जिससे एक सीट की उम्मीद ज्यादा है। ऐसे में चौथी सीट के लिए मुकाबला लगभग-लगभग तय माना जा रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि भाजपा ने अपने दो उम्मीदवारों के अलावा स्वतंत्र उम्मीदवार दिलीप रे को भी समर्थन दिया है, जबकि कांग्रेस और सीपीआई (एम) ने होटा का समर्थन किया है।
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क्या कहना है नेताओं का?
कांग्रेस अध्यक्ष भक्ता चरण दास ने कहा कि कांग्रेस ने अपने विधायकों के लिए पहले प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया और दो और सत्र करेंगे। बीजेडी विधायक ध्रुबा चरण साहू ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह स्वतंत्र उम्मीदवार को समर्थन देकर घोड़े बेचने को बढ़ावा दे रही है। वरिष्ठ कांग्रेस विधायक ताराप्रसाद बहिनीपाटी ने कहा कि सभी 14 कांग्रेस विधायक होटा के लिए वोट देंगे। इसके साथ ही भाजपा विधायक अशोक मोहंती ने कहा कि पार्टी और उसके समर्थित स्वतंत्र उम्मीदवार चार में से तीन सीटें जीतेंगे।











