सोनभद्र/एबीएन न्यूज: सोनभद्र जिले में बढ़ते जल संकट से निपटने के लिए जल संचयन (वॉटर हार्वेस्टिंग) को बढ़ावा देने की दिशा में जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी बद्री नाथ सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्र के तत्वावधान में रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र के ग्राम मुसही में अग्रणी किसान जय नारायण तिवारी द्वारा स्थापित जल संचयन इकाई का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने इकाई की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया और वर्षा जल के संरक्षण तथा उसके उपयोग के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि सोनभद्र जैसे जिले में, जहां अक्सर जल संकट की स्थिति बनी रहती है और इसका सीधा असर किसानों की फसलों की पैदावार पर पड़ता है, वहां इस तरह की जल संचयन इकाइयाँ किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो सकती हैं।

जिलाधिकारी बद्री नाथ सिंह ने कहा कि वर्षा जल का संरक्षण कर उसे खेती, सिंचाई और अन्य आवश्यक कार्यों में उपयोग करना आज की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इससे न केवल जल संकट की समस्या कम होगी बल्कि किसानों की उत्पादन क्षमता भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से ऐसे नवाचारों को प्रोत्साहित किया जाएगा और किसानों को जल संचयन इकाइयाँ स्थापित करने के लिए जागरूक किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसान इस पहल से लाभान्वित हो सकें।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने खेतों में लगी बागवानी और विभिन्न फसलों का भी जायजा लिया तथा किसान जय नारायण तिवारी की पहल और प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के मॉडल अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का काम करेंगे। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक डॉ. रश्मि सिंह, श्री अवधेश कुमार तथा संस्था के श्री प्रत्यूष त्रिपाठी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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